Latehar : नाइट गार्ड बालगोविंद साव मर्डर केस में मोस्ट वांटेड प्रदीप सिंह उर्फ प्रदीप गंझू और किशुन भगत उर्फ किशुन जी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र के नगर गांव से गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों की निशानदेही पर दो सिंगल शॉट देशी रायफल, आठ एमएम की दो जिंदा गोलियां, आठ एमएम का एक खोखा, मारे गये नाइट गार्ड का मोबाइल फोन और JSJMM यानी झारखंड संघर्ष जन मुक्ति मोर्चा का एक पर्चा बरामद किया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ लातेहार के अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज हैं। इस बात का खुलासा आज यानी गुरुवार को लातेहार पुलिस कप्तान कुमार गौरव ने किया।
SP कुमार गौरव ने मीडिया को बताया कि बीते 26 दिसंबर 2024 की रात में नाइट गार्ड बालगोविंद साव की बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी। लातेहार थाना क्षेत्र के उलगड़ा गांव के औरंगा नदी पर पुल निर्माण कार्य में बतौर नाइट गार्ड तैनात था। हत्या की जिम्मेदारी JSJMM के प्रदीप सिंह ने पर्चा छोड़ कर ली थी। इस मामले में पांच संदेही गुनहगारों को गिरफ्तार कर पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। वहीं, कांड में वांटेड मुख्य आरोपी प्रदीप सिंह उर्फ प्रदीप गंझू और किशुन भगत उर्फ किशुन जी फरार थे। पुलिस इन दोनों की तलाश कर रही थी। इसी दरम्यान बीते एक अप्रैल को इंफॉर्मेशन मिली कि प्रदीप और किशुन को चंदवा थाना क्षेत्र के नगर गांव में देखा गया है। दोनों फिर से उलगड़ा गांव के औरंगा नदी पर पुल निर्माण कार्य में लगे लोगों पर हमला करने की प्लानिंग कर रहे हैं। मिली इंफॉर्मेशन के बाद टीम गठित की गयी। गठित टीम ने बताये गये लोकेशन पर रेड मारी और दोनों को धर दबोचा। दोनों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य सामान जब्त कर लिये गये।
इन दोनों को गिरफ्तार करने में लातेहार के SDPO अरविंद कुमार, लातेहार थानेदार दुलड़ चौड़े, एसआई राजा दिलावर, विक्रांत कुमार उपाध्याय और मनोज कुमार की भूमिका सराहनीय रही।
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