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News Samvad : घर की रसोई में आसानी से मिलने वाली काली मिर्च को आमतौर पर एक मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। सर्दियों के मौसम में यह शरीर को गर्म रखती है और छोटे-मोटे संक्रमण से सुरक्षा देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही तरीके से सेवन करने पर काली मिर्च कई समस्याओं में राहत पहुंचाती है।
काली मिर्च क्यों है खास?
काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, पाइपेरिन और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। आयुर्वेद में इसे ‘मरीच’ कहा जाता है और यह वात तथा कफ दोष को संतुलित करने में मदद करती है। इससे पाचन बेहतर होता है और सर्दी-खांसी की परेशानी कम होती है।
खांसी में काली मिर्च और शहद सबसे असरदार
अगर सूखी या कफ वाली खांसी परेशान कर रही हो तो काली मिर्च को शहद के साथ लेना लाभकारी माना जाता है।
इसके लिए—
4–5 काली मिर्च पीसें
शहद को हल्का गुनगुना करें
दोनों को मिलाकर लें
यह शरद ऋतु में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करता है।
सर्दियों में शरीर ठंडा रहता है? अदरक और काली मिर्च का संयोजन अपनाएं
कई लोगों के हाथ-पैर ठंडे रहते हैं या सुन्न हो जाते हैं। ऐसे में अदरक और काली मिर्च का पानी या चाय शरीर को अंदर से गर्माहट देती है और गले में जमा कफ कम करती है।
तुलसी, काली मिर्च और अदरक का काढ़ा
यह काढ़ा वायरल फीवर, जुखाम और कफ वाली खांसी में राहत देता है। काली मिर्च के एंटीबैक्टीरियल गुण संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।
जोड़ों के दर्द और गले की खराश में भी लाभ
सर्दियों में बढ़ने वाले मांसपेशियों के जकड़न और जोड़ों के दर्द में काली मिर्च के साथ गर्म तिल के तेल का इस्तेमाल राहत देता है।
गले में खराश या आवाज बैठने पर भुनी हुई काली मिर्च का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
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