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News Samvad : अगर आप अक्सर वंदे भारत ट्रेन से सफर करते हैं और आखिरी समय में टिकट बुक करने की परेशानी झेलते हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत लेकर आई है। दक्षिण रेलवे ने अपनी सभी 17 वंदे भारत ट्रेनों में करंट बुकिंग सुविधा का दायरा बढ़ा दिया है। अब यात्री ट्रेन रवाना होने से सिर्फ 15 मिनट पहले तक भी खाली सीटों की बुकिंग कर सकेंगे।रेलवे के इस फैसले से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिन्हें अचानक यात्रा करनी पड़ती है या जिन्हें पहले से कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता।
क्या है करंट बुकिंग सुविधा?
करंट बुकिंग ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत ट्रेन में बची हुई खाली सीटों को यात्रा शुरू होने से ठीक पहले तक बुक किया जा सकता है। पहले कई यात्रियों को खाली सीट होने के बावजूद टिकट नहीं मिल पाता था, लेकिन अब वे ट्रेन के प्रस्थान से 15 मिनट पहले तक सीट बुक कर सकेंगे।रेलवे का मानना है कि इससे सीटों का बेहतर उपयोग होगा और यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद लिया गया फैसला
दक्षिण रेलवे ने जुलाई 2025 में आठ वंदे भारत ट्रेनों में करंट बुकिंग सुविधा को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया था। इस प्रयोग के अच्छे नतीजे सामने आने के बाद अब इसे सभी 17 वंदे भारत ट्रेनों में लागू कर दिया गया है।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस सुविधा से न केवल यात्रियों को लाभ मिला है बल्कि रेलवे की कमाई में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
यात्रियों की संख्या में 80 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी
रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से जून 2025 के बीच करंट बुकिंग के जरिए टिकट लेने वाले यात्रियों की औसत संख्या 16,729 प्रति माह थी। वहीं अगस्त से अक्टूबर 2025 के दौरान यह संख्या बढ़कर 30,267 प्रति माह पहुंच गई।इस तरह करंट बुकिंग का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों की संख्या में 80.93 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह दिखाता है कि यात्रियों ने इस सुविधा को तेजी से अपनाया है।
रेलवे की कमाई में भी हुआ बड़ा इजाफा
करंट बुकिंग व्यवस्था का असर रेलवे की आय पर भी साफ दिखाई दिया है। दक्षिण रेलवे के अनुसार, इस सुविधा से मिलने वाला मासिक राजस्व 124.80 लाख रुपये से बढ़कर 222.17 लाख रुपये हो गया। यानी कमाई में करीब 78 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।रेलवे का कहना है कि खाली सीटों को आखिरी समय तक बेचने की व्यवस्था से राजस्व बढ़ाने में काफी मदद मिली है।
वंदे भारत ट्रेनों की बढ़ती लोकप्रियता
दक्षिण रेलवे की 17 वंदे भारत ट्रेनें तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ती हैं। इन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।वित्त वर्ष 2025-26 में इन ट्रेनों से 77.38 लाख यात्रियों ने सफर किया और रेलवे को 803.86 करोड़ रुपये की आय हुई। वहीं 2024-25 में 54.12 लाख यात्रियों ने यात्रा की थी और राजस्व 540.65 करोड़ रुपये रहा था।सिर्फ अप्रैल और मई 2026 की बात करें तो दो महीनों में ही 15.21 लाख यात्रियों ने वंदे भारत ट्रेनों में सफर किया और रेलवे को 162.96 करोड़ रुपये की कमाई हुई।
यात्रियों को मिल रही बेहतर सुविधा
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं, समय की बचत और अब करंट बुकिंग जैसी व्यवस्था के कारण वंदे भारत ट्रेनों की मांग लगातार बढ़ रही है। खासकर व्यवसायिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और अचानक यात्रा करने वालों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो रही है।आने वाले समय में रेलवे इस तरह की सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर भी काम कर सकता है, ताकि यात्रियों को आखिरी समय में भी आसानी से कन्फर्म सीट मिल सके।

