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Pakur (Jaydev Kumar) : अब पाकुड़ में विकास योजनाओं का हिसाब सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा। कौन सी योजना सही तरीके से चल रही है, कहां काम धीमा है और किस क्षेत्र को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, इसका जवाब अब आंकड़े देंगे। इसी सोच के साथ शनिवार को सूचना भवन सभागार में नीति आयोग की ओर से विकसित NITI TARA प्लेटफॉर्म पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मकसद जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को डेटा के आधार पर काम करने के लिए तैयार करना था, ताकि योजनाओं की निगरानी मजबूत हो और फैसले ज्यादा सटीक लिए जा सकें।
जिला योजना शाखा की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल ने अन्य अधिकारियों के साथ दीप जलाकर किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
अब फाइलों से आगे बढ़कर डेटा बताएगा हकीकत
प्रशिक्षण के दौरान नीति आयोग के विशेषज्ञों ने अधिकारियों को बताया कि NITI TARA केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि ऐसा सिस्टम है जो अलग-अलग विभागों के आंकड़ों को एक जगह लाकर उनका विश्लेषण करता है। इससे प्रशासन को यह समझने में आसानी होगी कि जिले में किस योजना की क्या स्थिति है, किस क्षेत्र में सुधार की जरूरत है और किन योजनाओं का असर लोगों तक पहुंच रहा है।
विशेषज्ञों ने अधिकारियों को डेटा आधारित योजना निर्माण, रियल टाइम मॉनिटरिंग, विकास संकेतकों का विश्लेषण, प्रदर्शन की समीक्षा और साक्ष्य आधारित निर्णय लेने की पूरी प्रक्रिया समझाई। साथ ही प्लेटफॉर्म के व्यावहारिक उपयोग का भी प्रशिक्षण दिया गया।
सिर्फ योजना बनाना काफी नहीं, उसका असर भी दिखना चाहिए
उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल ने कहा कि आज के समय में विकास का मतलब सिर्फ नई योजनाएं शुरू करना नहीं है। असली चुनौती यह है कि उन योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और उनकी लगातार समीक्षा होती रहे।
उन्होंने कहा कि NITI TARA प्रशासन को जिले के विकास से जुड़े हर महत्वपूर्ण संकेतक पर नजर रखने में मदद करेगा। इससे यह पता चल सकेगा कि किस विभाग का प्रदर्शन कैसा है और कहां सुधार की जरूरत है। समय रहते कमियों की पहचान होने से सुधारात्मक कदम भी जल्दी उठाए जा सकेंगे।
पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही भी तय होगी
डीडीसी ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को इस प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करना है। जब फैसले अनुमान के बजाय आंकड़ों के आधार पर होंगे तो योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही भी तय होगी।
उन्होंने कहा कि डेटा आधारित प्रशासन ही अच्छे सुशासन की मजबूत नींव है। NITI TARA के जरिए जिले के विकास लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जा सकेगी। साथ ही उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और जरूरत वाले क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकेगा। इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा।
कई विभागों के अधिकारियों ने लिया हिस्सा
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला योजना पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी (एडीपी) अमित कुमार, कार्यपालक अभियंता (पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल) अनंत प्रसाद सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी चंद्रजीत खलखो, प्रखंड विकास पदाधिकारी (लिट्टीपाड़ा) संजय कुमार, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जेएसएलपीएस), जिला फेलो (पिरामल फाउंडेशन) सहित कई विभागों के जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया।
आम लोगों को कैसे मिलेगा फायदा?
इस प्रशिक्षण का सबसे बड़ा असर आने वाले समय में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर देखने को मिल सकता है। जब हर योजना की प्रगति डेटा के जरिए लगातार मॉनिटर होगी, तब गड़बड़ियों की पहचान जल्दी होगी, फैसले समय पर लिए जाएंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंच सकेगा। यानी प्रशासन की कार्यशैली पहले से ज्यादा पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाम देने वाली बनने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।
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