अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ में SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सत्यापन का काम चल रहा है। इसी अभियान की जमीनी हकीकत जानने झारखंड के CEO यानी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार बुधवार को पाकुड़ पहुंचे। उन्होंने पाकुड़ और लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण, सत्यापन कार्य की प्रगति और मतदान केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
CEO ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मियों से SIR के तहत किए जा रहे काम की जानकारी ली। उन्होंने खास तौर पर उन मतदाताओं के सत्यापन की स्थिति देखी, जिनका पुराने मतदाता रिकॉर्ड से मैपिंग नहीं हो पाई है। ऐसे मतदाताओं को नो-मैप वाले मतदाता कहा जा रहा है। के. रवि कुमार खुद ऐसे मतदाताओं के घर पहुंचे और उनके जरूरी दस्तावेजों की जांच की।

घर पहुंचकर दस्तावेजों का किया सत्यापन
नो-मैप वाले मतदाताओं के घर पहुंचकर CEO ने उनसे बातचीत की। उन्होंने पूछा कि सत्यापन के लिए उनके पास कौन-कौन से जरूरी दस्तावेज उपलब्ध हैं। दस्तावेजों की जांच के साथ उन्होंने मतदाताओं को सत्यापन प्रक्रिया के बारे में भी समझाया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया गया कि दस्तावेजों की जांच पूरी सावधानी के साथ की जाए और किसी पात्र मतदाता को अनावश्यक परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना है। इसके लिए जहां रिकॉर्ड आसानी से मैप हो रहे हैं, वहीं जिन मतदाताओं का मैपिंग रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है, वहां घर-घर जाकर जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।

पात्र मतदाता का नाम न छूटे, इस पर जोर
के. रवि कुमार ने कहा कि SIR के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से छूटने न पाए। इसी को ध्यान में रखते हुए नो-मैप वाले मतदाताओं के घर जाकर उनका सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान के दौरान हर स्तर पर पारदर्शिता और सावधानी बरती जाए।
पाकुड़ और लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से कहा कि SIR से जुड़े काम को समय पर पूरा किया जाए और मतदाताओं को सत्यापन के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से मतदाता सत्यापन अभियान में जुटे अधिकारियों और कर्मियों को भी जमीनी स्तर पर काम की गंभीरता का संदेश मिला।
इसे भी पढ़ें : रांची पहुंचते ही गरजे राष्ट्रीय मंत्री डॉ. प्रदीप वर्मा, छात्रों के मुद्दे पर बोले- CBI जांच से डर क्यों?













