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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ के प्रखंड कार्यालय परिसर में शनिवार की दोपहर कुछ अलग थी। मंच सजा था, लोग जुटे थे, और हर चेहरे पर उम्मीद झलक रही थी। यह कोई साधारण सरकारी कार्यक्रम नहीं था—यह उस भरोसे की गूंज थी, जो जनता अपने प्रतिनिधि से जोड़ती है। विधायक निसात आलम ने जब मंच से माइक संभाला, तो तालियों की आवाज़ में लोगों की उम्मीदें साफ सुनाई दे रही थीं।
28 योजनाओं से बदलेगी तस्वीर
विधायक ने डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) मद से संचालित 28 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत ज़रूरतों को पूरा करने वाली परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा, “इन योजनाओं का मकसद सिर्फ इमारतें खड़ी करना नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगी आसान बनाना है।”
प्रशासन को मिला नया आधार
कार्यक्रम के दौरान BDO और CO के लिए बने नए आवासों का भी उद्घाटन किया गया। ये आवास सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारतें नहीं हैं, बल्कि उस प्रशासनिक ढांचे की मजबूती का प्रतीक हैं, जो जनता की समस्याओं का समाधान करने में जुटा है। विधायक ने कहा, “जब अधिकारी बेहतर माहौल में रहेंगे, तो जनता की सेवा और कुशलता से कर पाएंगे।”
“आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” अभियान की झलक
निसात आलम ने इस मौके पर बताया कि 18 नवंबर से “आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” अभियान शुरू होने जा रहा है। यह अभियान सरकार और जनता के बीच की दूरी घटाने की कोशिश है। उन्होंने कहा, “सरकार की योजनाएं अब फाइलों में नहीं, लोगों के घर तक पहुंचेंगी।” यह घोषणा सुनकर मंच के सामने बैठे लोगों के बीच एक हल्की मुस्कान दौड़ गई, मानो वर्षों से इंतज़ार किए वादे की झलक उन्होंने देख ली हो।
गांव की आवाज तक पहुंचा विकास
उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया ने अपने संबोधन में कहा कि जिले ने शिक्षा, मनरेगा और आवास योजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके शब्दों में सरकारी रिपोर्ट का ठंडापन नहीं था, बल्कि एक सच्चे प्रयास की गर्माहट थी। उन्होंने बताया कि विधायक के निरंतर प्रयासों से कई अधूरी परियोजनाएं अब ज़मीन पर उतर रही हैं।
लाभुकों की मुस्कान ने बताया कार्यक्रम का असर
कार्यक्रम के अंत में जब 44 लाभुकों को परिसंपत्तियां और सहायता सामग्री दी गईं, तो माहौल भावुक हो उठा। किसी के हाथ में सिलाई मशीन थी, तो किसी को आवास योजना का स्वीकृति पत्र मिला। एक वृद्धा ने आंखों में चमक लिए कहा, “पहली बार लगा कि सरकार हमारे गांव तक आई है।”
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