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Patna : EOU यानी आर्थिक अपराध इकाई की टीम शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजे पटना और गोपालगंज में बैंक विकास पदाधिकारी भावेश कुमार सिंह के 6 ठिकानों पर एक साथ पहुंची। टीम के अचानक पहुंचने से घर पर मौजूद लोग और नौकर हैरान रह गए। दरवाजा खुलते ही अधिकारी अंदर गए और मेन गेट बंद कर दिया गया।
भावेश कुमार से पूछताछ और तलाशी कार्रवाई शुरू
उस समय भावेश अपने पटना वाले घर में मौजूद थे। टीम ने उन्हें एक कमरे में बैठाया और पूछताछ शुरू की। शुरुआत में उन्होंने सवालों के जवाब देने में हिचक दिखाई, लेकिन तलाशी का दायरा बढ़ते ही कई अहम दस्तावेज सामने आने लगे।
राइस मिल से 40 लाख रुपये कैश, घर से ज्वेलरी और घड़ियां
बिहटा स्थित जय माता दी राइस मिल की जांच के दौरान टीम को 40 लाख रुपये नकद मिले। पटना स्थित घर में बिस्तर और अलमारी में रखे बैगों से नकदी, सोने के गहने, कई महंगी घड़ियां और जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। शुरुआती जांच में ही सामने आया कि उनकी संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 60 प्रतिशत अधिक है।

पेट्रोल पंप सील, गोपालगंज वाले घर पर भी खोजबीन
EOU ने गोपालगंज के पैतृक घर और भावना पेट्रोलियम नाम के पेट्रोल पंप पर भी छापा मारा। पेट्रोल पंप को टीम ने सील कर दिया। इसके अलावा पटना के पुष्पक रेसिडेंसी में किराए के फ्लैट, अगमकुआं के जी+5 भवन और बैंक दफ्तर में भी तलाशी चली।
भाई बोले, चुनाव से ठीक पहले साजिश
भावेश के बड़े भाई राजेश सिंह ने इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव बताया। उनका कहना है कि चुनाव नजदीक हैं, इसलिए उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल पंप के सेल्स रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है।
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