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Kaushambi (UP) : उत्तर प्रदेश के कौशांबी से एक ऐसी रूह कंपकपा देने वाली कहानी सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक मासूम छात्रा, जो घर की मामूली कहासुनी से नाराज होकर सुरक्षा की तलाश में बाहर निकली थी, उसे क्या पता था कि कदम-कदम पर भेड़िये उसका इंतजार कर रहे हैं। यह कहानी सिर्फ एक अपराध की नहीं, बल्कि उस खौफनाक गिरोह की है जो बेबस लड़कियों की मजबूरी को ‘मंडी’ में तौल देता है।
गुस्से में घर छोड़ा, स्टेशन पर मिला ‘जल्लाद’
किस्सा शुरू होता है 25 मार्च को। हाईस्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा अपने परिजनों से किसी बात पर नाराज होकर घर से निकल गई। वह ट्रेन पकड़कर कानपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। भीड़भाड़ वाले उस स्टेशन पर वह सहमी हुई अकेली बैठी थी। तभी उसकी नजरों में एक ‘मददगार’ बनकर आया अंशु जाटव। अंशु ने बड़ी ही मासूमियत से छात्रा को अपनी बातों के जाल में फंसाया। जब छात्रा ने बताया कि वह घर से भागकर आई है, तो अंशु ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसे सुरक्षित रखेगा। मासूम उसके झांसे में आ गई और यहीं से शुरू हुआ उसकी जिंदगी का सबसे काला अध्याय।
होटल का वो कमरा और चार दिन का नरक
अंशु उस छात्रा को मदद के बहाने एक होटल के कमरे में ले गया। वह कमरा छात्रा के लिए चार दिन तक नरक बन गया। वहां उसे बंधक बनाकर रखा गया। इन चार दिनों में अंशु ने न सिर्फ उसके साथ दरिंदगी की, बल्कि विरोध करने पर उसे बेदर्दी से पीटा भी। छात्रा चीखती रही, भागने की कोशिश करती रही, लेकिन जल्लाद की धमकी और कमरे की दीवारों ने उसकी आवाज दबा दी। उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया गया।
दोस्त की दरिंदगी और 70 हजार में नीलामी
हवस की आग जब अंशु के मन में कुछ शांत हुई, तो उसने अपनी हैवानियत का अगला पड़ाव तय किया। उसने छात्रा को अपने दोस्त शाहरुख हुसैन के पास भेज दिया। शाहरुख ने भी छात्रा की बेबसी का फायदा उठाया और उसके साथ रेप किया। इसके बाद इन दरिंदों ने छात्रा को इंसान नहीं, बल्कि एक ‘सामान’ समझ लिया। अनुराधा नाम की एक बिचौलिया महिला के जरिए छात्रा का सौदा तय हुआ। महज 70 हजार रुपये की चंद गड्डियों के बदले छात्रा को मंजू देवी नाम की महिला को बेच दिया गया।
जबरन निकाह और चंगुल से फरारी
मंजू देवी ने उस छात्रा को अपने देवर सुमित से निकाह करने के लिए मजबूर किया। एक महीने तक वह छात्रा कासगंज, एटा और मैनपुरी के इन अपराधियों के बीच फुटबाल बनी रही। लेकिन 22 अप्रैल की सुबह उसकी किस्मत ने साथ दिया। आरोपियों की नजर बचाकर वह किसी तरह उनके चंगुल से भाग निकली और सीधे कासगंज पुलिस की शरण में पहुंची। वहां से जब उसे कौशांबी लाया गया, तब जाकर इस सनसनीखेज रैकेट की परतें खुलनी शुरू हुईं।
पकड़े गए ‘इंसानी खाल में भेड़िये’
इस कहानी का सबसे चौंकाने वाला मोड़ गुरुवार को आया। आरोपी इतने बेखौफ थे कि वे छात्रा की फोटो लेकर उसे सरेआम ढूंढ रहे थे। पुलिस को जैसे ही इसकी भनक लगी, कोखराज पुलिस ने जाल बिछाया और पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में सुमित कुमार, उसकी भाभी मंजू, बिचौलिया अनुराधा, शाहरुख हुसैन और मुख्य आरोपी अंशु जाटव शामिल हैं। एसपी सत्यनारायण प्रजापति ने खुलासा किया कि यह एक संगठित गिरोह है जो रेलवे स्टेशनों पर भटकती हुई लड़कियों को अपना शिकार बनाता है। इन आरोपियों पर रेप और मानव तस्करी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि रेलवे स्टेशन जैसी जगहों पर सक्रिय ये गिरोह किसी भी मासूम की जिंदगी पल भर में तबाह कर सकते हैं।
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