अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : “यह सिर्फ एक ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं था, बल्कि सीखने, अनुभव साझा करने और नए रिश्ते बनाने का शानदार मंच था। फैकल्टी बेहद सहयोगी और दोस्ताना स्वभाव की थी। हर सेशन में कुछ नया सीखने को मिला।” ये बातें झारखंड के मशहूर गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ जयंत घोष ने फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित इंटरवेंशनल एंडोस्कोपी कंसोर्टियम (IEC) के पहले ऑफलाइन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कही। भारत, फिलीपींस और थाईलैंड के डॉक्टरों को साथ लेकर शुरू किए गए इस एक साल के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 24 गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट शामिल हैं। तीनों देशों से आठ-आठ डॉक्टर इस कार्यक्रम का हिस्सा बने हैं। 22 और 23 मई को मनीला में इसका पहला ऑफलाइन सेशन आयोजित किया गया।

ऑनलाइन क्लास के बाद पहली बार आमने-सामने मिले डॉक्टर
डॉ जयंत घोष ने बताया कि IEC कार्यक्रम पिछले कई महीनों से ऑनलाइन चल रहा था। नियमित वर्चुअल क्लासेस के जरिए प्रतिभागियों को एडवांस एंडोस्कोपी की ट्रेनिंग दी जा रही थी। मनीला में पहली बार सभी डॉक्टर एक-दूसरे से आमने-सामने मिले। उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों के डॉक्टरों के साथ बातचीत करना और उनके अनुभवों को करीब से जानना काफी खास रहा। सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने मेडिकल अनुभव साझा किए और हर गतिविधि में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। डॉ घोष के अनुसार, “हम लोगों ने साथ बैठकर सिर्फ लेक्चर नहीं सुने, बल्कि मेडिकल प्रैक्टिस से जुड़े कई अनुभवों पर खुलकर चर्चा की। इससे अलग-अलग देशों की चिकित्सा व्यवस्था और तकनीकों को समझने का मौका मिला।”

एडवांस तकनीकों पर मिला विशेष प्रशिक्षण
इस कार्यक्रम में एडवांस एंडोस्कोपी की आधुनिक तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया गया। डॉक्टरों को ERCP, EUS और थर्ड स्पेस एंडोस्कोपी जैसी जटिल प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। डॉ घोष ने बताया कि कार्यक्रम में सिर्फ थ्योरी नहीं थी, बल्कि हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी कराई गई। लाइव डेमो, वीडियो सेशन और प्रैक्टिकल अभ्यास के जरिए प्रतिभागियों को नई तकनीकों को समझने और सीखने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवस्थित और लंबी अवधि वाला कार्यक्रम गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के क्षेत्र में काफी उपयोगी साबित होगा।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन
IEC कार्यक्रम का नेतृत्व देश के वरिष्ठ एंडोस्कोपी विशेषज्ञ प्रो. अमित मेयडो कर रहे हैं। मेडिकल क्षेत्र में उनका नाम काफी सम्मान के साथ लिया जाता है। कार्यक्रम में थाईलैंड के प्रो. प्रदेर्मचाई कोंगकाम, प्रो. नोंथाली पाउसावासदी और डॉ. हथाईवान माउंगथर्ड ने विभिन्न तकनीकी सत्र लिए। फिलीपींस से प्रो. मार्क एंथनी डी लुसोंग और प्रो. पेट्रीशिया एन कैबरल-प्रोडिगालिदाद भी फैकल्टी टीम में शामिल रहीं। भारत से डॉ. नवीन पोलावरापु ने भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। डॉ. जयंत घोष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ सीधे बातचीत करना और उनसे सीखना उनके लिए यादगार अनुभव रहा।
प्रो. अमित मेयडो ने एंडोस्कोपी की दुनिया को दिया नया नजरिया
प्रो. अमित मेयडो देश और दुनिया के जाने-माने इंटरवेंशनल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट और एंडोस्कोपी विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। उन्होंने एडवांस एंडोस्कोपी के क्षेत्र में लंबे समय तक काम करते हुए कई नई तकनीकों को बढ़ावा दिया है। मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनका योगदान काफी अहम माना जाता है। युवा डॉक्टरों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने का मंच देने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। इंटरवेंशनल एंडोस्कोपी कंसोर्टियम (IEC) जैसे विशेष कार्यक्रम के जरिए प्रो. अमित मेयडो भारत समेत दूसरे देशों के डॉक्टरों को एक साथ लाकर एडवांस एंडोस्कोपी की बेहतर ट्रेनिंग देने का प्रयास कर रहे हैं। मेडिकल जगत में उन्हें एक कुशल शिक्षक, मार्गदर्शक और दूरदर्शी विशेषज्ञ के रूप में सम्मान के साथ देखा जाता है।

“नई दोस्ती और मजबूत नेटवर्क भी मिला”
डॉ. घोष ने कहा कि IEC कार्यक्रम ने सिर्फ मेडिकल ज्ञान ही नहीं बढ़ाया, बल्कि तीन देशों के डॉक्टरों के बीच एक मजबूत प्रोफेशनल नेटवर्क भी तैयार किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों के बीच काफी अच्छा तालमेल देखने को मिला। मेडिकल चर्चा के साथ-साथ आपसी बातचीत ने माहौल को और सहज बना दिया। उनके मुताबिक, “हमने यहां सिर्फ नई तकनीकें नहीं सीखीं, बल्कि नए दोस्त भी बनाए। यही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत रही।”
दुनिया में अपनी तरह का अलग कार्यक्रम
डॉक्टरों का मानना है कि एडवांस एंडोस्कोपी के क्षेत्र में IEC अपनी तरह का अलग और व्यवस्थित एक साल का कार्यक्रम है। इसमें इंटरनेशनल फैकल्टी, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की ट्रेनिंग, लाइव डेमो और प्रैक्टिकल लर्निंग को एक साथ जोड़ा गया है। मनीला में हुए पहले ऑफलाइन सेशन की सफलता के बाद अब प्रतिभागियों में आगे के चरणों को लेकर भी उत्साह बढ़ गया है।
इसे भी पढ़ें : लाइव केस, विशेषज्ञों के लेक्चर और शानदार आतिथ्य… डॉ जयंत घोष ने सराहा आयोजन

