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Ranchi : राजधानी की सड़कों पर देर रात घूमने वाले अपराधी हों, चेन छीनकर भागने वाले बदमाश हों, नशे का कारोबार करने वाले गिरोह हों या फिर जेल से बाहर आकर दोबारा सक्रिय होने की कोशिश कर रहे अपराधी, अब सभी पर पुलिस की पैनी नजर रहने वाली है। रांची पुलिस ने क्राइम कंट्रोल को लेकर अपनी रणनीति और सख्त करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में एसएसपी राकेश रंजन ने जिले के सिटी एसपी पारस राणा, रूरल एसपी गौरव गोस्वामी, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, डीएसपी, थानेदार और यातायात अधिकारियों के साथ लंबी समीक्षा बैठक की। बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि आने वाले दिनों में पुलिस की कार्यशैली कैसी होगी, इसकी स्पष्ट रूपरेखा भी तय की गई।
अपराधियों को पहचानो, उनकी गतिविधियों पर नजर रखो
बैठक में सबसे ज्यादा जोर उन अपराधियों पर रहा जो जेल से बाहर आने के बाद फिर से सक्रिय होने की कोशिश करते हैं। एसएसपी ने थानेदारों को निर्देश दिया कि ऐसे लोगों की पहचान करें, उनका सत्यापन करें और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखें। पुलिस का मानना है कि कई बड़ी घटनाओं के पीछे पुराने अपराधियों का हाथ रहता है। ऐसे में अपराध होने का इंतजार करने के बजाय पहले से निगरानी जरूरी है।

सिर्फ वर्दी नहीं, लोगों के बीच भी दिखे पुलिस
बैठक में एक अहम बात यह भी रही कि पुलिस और जनता के बीच दूरी कम करने पर जोर दिया गया। एसएसपी ने कहा कि थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के लोगों से नियमित मुलाकात करें, उनकी समस्याएं सुनें और पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ाएं। दरअसल, कई मामलों में स्थानीय लोगों की सूचना ही अपराधियों तक पहुंचने का सबसे बड़ा जरिया बनती है। जब जनता पुलिस के साथ खड़ी होती है तो अपराधियों के लिए बच निकलना मुश्किल हो जाता है।
चेन स्नैचर, चोर और नशा कारोबारियों पर रहेगा फोकस
राजधानी में पिछले कुछ समय से चेन स्नैचिंग, चोरी, गृहभेदन और नशे के कारोबार की घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई हैं। बैठक में इन मामलों की भी विस्तार से समीक्षा हुई। एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। अवैध हथियार रखने वालों, मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों और संगठित अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाए। पुलिस अधिकारियों को कहा गया कि अपराधियों को यह एहसास होना चाहिए कि कानून उनसे एक कदम आगे चल रहा है।
रात में सड़कों पर बढ़ेगी पुलिस की मौजूदगी
अक्सर अपराध की कई घटनाएं रात के समय सामने आती हैं। इसे देखते हुए रात्रि गश्ती को और प्रभावी बनाने का फैसला लिया गया है। एसएसपी ने कहा कि रात के समय पुलिस अधिकारी खुद क्षेत्र में निकलें और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें। गश्ती दलों की सक्रियता की भी नियमित निगरानी की जाएगी। इसका मकसद सिर्फ अपराध रोकना नहीं, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना भी है।
गुमशुदा बच्चों और महिलाओं के मामलों को मिलेगी प्राथमिकता
बैठक में गुमशुदा बच्चों और व्यक्तियों से जुड़े मामलों पर भी विशेष चर्चा हुई। एसएसपी ने कहा कि ऐसे मामलों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। इसलिए थानों को निर्देश दिया गया कि इन मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। पॉक्सो से जुड़े मामलों में भी तेजी लाने और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने पर जोर दिया गया।
लंबित मामलों पर भी कसेंगे शिकंजा
कई बार शिकायतें मिलती हैं कि पासपोर्ट सत्यापन, चरित्र सत्यापन या अन्य मामलों में लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। बैठक में एसएसपी ने ऐसे सभी मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया। साथ ही लंबित वारंट, कुर्की-जब्ती और कोर्ट से जुड़े मामलों को भी जल्द पूरा करने के लिए कहा गया।
साफ संदेश, अपराधियों के लिए अब मुश्किल दिन
बैठक के अंत में रांची एसएसपी राकेश रंजनने अपना इरादा साफ कर दिया है। संदेश सीधा है कि कानून तोड़ने वालों के लिए अब जगह कम और मुश्किलें ज्यादा होंगी। गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य सड़कों तक निगरानी बढ़ेगी, रातों की गश्त तेज होगी और अपराधियों की हर गतिविधि पर नजर रहेगी। अगर यह रणनीति उसी सख्ती से जमीन पर उतरी, जैसी बैठक में दिखाई गई, तो आने वाले दिनों में अपराधियों की बेचैनी और आम लोगों का भरोसा दोनों बढ़ते नजर आएंगे।
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