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News Samvad : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के करजा थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान हुई रंजीत कुमार की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शुरुआत में लोगों को लगा था कि हर्ष फायरिंग के दौरान गलती से गोली चली होगी, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या डीजे पर गाना बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद की गई थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बन गया था।
खेसारी और पवन सिंह के गानों को लेकर शुरू हुआ झगड़ा
ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने प्रेस वार्ता में बताया कि 25 जून की सुबह करजा थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह चल रहा था। मुशहरी थाना क्षेत्र निवासी रंजीत कुमार भी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान डीजे पर भोजपुरी गाना बजाने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।एक पक्ष खेसारी लाल यादव का गाना बजवाना चाहता था, जबकि दूसरा पक्ष पवन सिंह का गाना चलाने की जिद कर रहा था। मामूली बहस धीरे-धीरे बढ़ती गई और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।
पहले साथ बैठकर पी शराब, फिर चली गोली
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले रंजीत कुमार और मुख्य आरोपी ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसके बाद विवाद इतना बढ़ गया कि डीजे संचालक और उसके साथियों ने रंजीत कुमार पर गोली चला दी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।परिजन उन्हें तुरंत इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एफएसएल और डॉग स्क्वायड ने जुटाए अहम साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही करजा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम की मदद से घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सरैया एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष एसआईटी का गठन किया गया।तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और आरोपियों तक पहुंच गई।
चार आरोपी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद
सबसे पहले पुलिस ने तुर्की निवासी डीजे संचालक विक्की कुमार और पानापुर करियात निवासी रामबाबू सहनी को गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ के बाद करजा निवासी नीरज कुमार और धीरज कुमार उर्फ गोलू को भी गिरफ्तार कर लिया गया।ग्रामीण एसपी ने बताया कि डीजे संचालक विक्की कुमार ही इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने हथियार झाड़ियों में छिपा दिए थे ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिले।उनकी निशानदेही पर पुलिस ने एक देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया है। इस मामले में आर्म्स एक्ट के तहत अलग से प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
पहले हर्ष फायरिंग माना जा रहा था मामला
यह घटना 24 जून की देर रात शंभू सहनी की भतीजी की शादी के दौरान हुई थी। द्वार पूजा की रस्में चल रही थीं, तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई और लड़की के मामा रंजीत कुमार गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआत में लोगों को लगा कि हर्ष फायरिंग के दौरान हादसा हुआ है, लेकिन पुलिस की जांच में सच्चाई सामने आई कि रंजीत की हत्या डीजे पर गाना बजाने को लेकर हुए विवाद में की गई थी।
पुलिस कर रही हर पहलू से जांच
ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी या फिर विवाद अचानक इतना बढ़ गया कि गोली चलानी पड़ी। फिलहाल चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
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