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Ranchi/New Delhi : दिल्ली में इन दिनों झारखंड की लोक संस्कृति के रंग बिखरे हुए हैं। मांदर की थाप और पारंपरिक लोकगीतों की गूंज के बीच आज ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन 2026’ के दूसरे दिन का आगाज हुआ। राज्य सरकार इसे अपने ‘विजन 2050’ की दिशा में एक बड़ा कदम मान रही है। दो दिनों के इस महामंथन के दूसरे दिन का पूरा फोकस झारखंड में निवेश लाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और नए उद्योग स्थापित करने पर है।
समिट के दूसरे दिन यानी आज हो रहे सत्रों में सबसे ज्यादा जोर समावेशी विकास, निवेश और पर्यटन पर रहेगा। झारखंड सरकार के अफसर देश-विदेश से आए बड़े निवेशकों के सामने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, घने जंगलों, झरनों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की खूबसूरती को रखेंगे। इसके साथ ही यहां निवेश की क्या-क्या संभावनाएं हैं, इसकी पूरी तस्वीर दिखाई जाएगी।
मांदर की थाप, लोकगीतों की गूंज और झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ नई दिल्ली में ‘National Stakeholders Consultation 2026’ के दूसरे दिन का शुभारंभ।
Vision 2050 की दिशा में नए अध्याय की शुरुआत! स्वागत है नए भविष्य का।@HemantSorenJMM @JharkhandCMO #teamprdranchi pic.twitter.com/XJ9gObu9b4— IPRD Jharkhand (@prdjharkhand) July 9, 2026
इसके बाद होने वाले सत्रों में इस बात पर चर्चा होगी कि राज्य में नए उद्योग लगाने के लिए सरकार क्या मदद दे रही है। नए कारखाने खोलने और औद्योगिक प्रोत्साहन से जुड़े मुद्दों पर स्टेकहोल्डर्स के साथ सीधे बातचीत की जाएगी, ताकि उनकी हर समस्या का तुरंत समाधान निकाला जा सके।

कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार और देश के कई बड़े औद्योगिक समूहों के बीच कई अहम MoU पर साइन होने वाले हैं। सरकार का मानना है कि इन समझौतों से राज्य में भारी निवेश आएगा, जिससे न सिर्फ विकास को रफ्तार मिलेगी बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके भी बनेंगे। आज शाम 5:30 से 6:00 बजे के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार इन दो दिनों की बड़ी उपलब्धियों की जानकारी देगी।
झारखंड को आईटी, डिजिटल गवर्नेंस, टेक्सटाइल और टूरिज्म का हब बनाने के लिए सरकार इस समिट में कई नई नीतियों के कॉन्सेप्ट पेपर जारी कर रही है। इनमें झारखंड AI पॉलिसी और इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, झारखंड टूरिज्म पॉलिसी और टेक्सटाइल पॉलिसी एवं जियाडा रेगुलेशंस और पीपीपी पॉलिसी शामिल हैं। इन नई नीतियों का मकसद नियमों को इतना आसान बनाना है कि कोई भी निवेशक झारखंड में आकर बिना किसी परेशानी के अपना बिजनेस शुरू कर सके।
यहां याद दिला दें कि समिट के पहले दिन यानी 8 जुलाई को सीएम हेमंत सोरेन खुद इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उनकी मौजूदगी में आईटी, AI, डिजिटल गवर्नेंस और भविष्य की तकनीकों पर देश-विदेश के दिग्गजों ने मंथन किया। इस चर्चा में दुनिया भर की बड़ी आईटी कंपनियों के प्रतिनिधि, नीति निर्माता, शिक्षाविद और तकनीकी एक्सपर्ट्स शामिल हुए, जिन्होंने झारखंड को डिजिटल तौर पर मजबूत बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।
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