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Patna : उम्र बढ़ने के साथ सबसे बड़ी परेशानी सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की होती है। खासकर तब, जब किसी जमीन या मकान की रजिस्ट्री करानी हो। अब बिहार सरकार ने इस परेशानी का हल निकाल दिया है। 75 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को अब प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए निबंधन कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। सरकारी टीम खुद उनके घर पहुंचेगी और वहीं पूरी प्रक्रिया पूरी करेगी। सीएम सम्राट चौधरी ने शनिवार को वैशाली के जिला निबंधन कार्यालय से राज्य की नई डिजिटल और पेपरलेस निबंधन व्यवस्था की शुरुआत करते हुए यह बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ नई तकनीक लाना नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी आसान बनाना है।
पहले 80 साल थी उम्र सीमा, अब 75 साल के बुजुर्ग भी होंगे शामिल
सरकार ने शुरुआत में यह सुविधा 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए तय की थी। लेकिन सीएम ने मौके पर ही बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि अब 75 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिक भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों ने पूरी जिंदगी परिवार और समाज के लिए काम किया है। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें सम्मान और सुविधा दोनों मिले।
घर पहुंचेगी मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट
कार्यक्रम में सीएम सम्राट चौधरी ने मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये विशेष वाहन जरूरतमंद बुजुर्गों के घर जाएंगे और वहीं उनकी संपत्ति की रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया पूरी करेंगे। कार्यक्रम के दौरान 83 वर्षीय अवधेश कुमार की डिजिटल रजिस्ट्री का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिखाया कि घर बैठे किस तरह पूरी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

अब फाइलों का बोझ नहीं, पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
नई व्यवस्था में कागजों की लंबी फाइलें और बार-बार दस्तावेज जमा करने की परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस होगी। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद जरूरी दस्तावेज सीधे आवेदक के व्हाट्सएप और ई-मेल पर भेज दिए जाएंगे। यानी दस्तावेज खोने का डर भी काफी कम हो जाएगा।
जमीन खरीदने से पहले होगी ऑनलाइन जांच
सरकार ने जमीन खरीदने वालों के लिए भी नई व्यवस्था लागू की है। अब जीआईएस तकनीक और ऑनलाइन सत्यापन के जरिए पहले ही यह जांच होगी कि जिस जमीन की रजिस्ट्री हो रही है, उसकी वास्तविक स्थिति क्या है। इससे फर्जी दस्तावेजों, गलत जानकारी और विवादित जमीन की खरीद-बिक्री पर काफी हद तक रोक लगाने में मदद मिलेगी। खरीदार भी ज्यादा भरोसे के साथ सौदा कर सकेंगे।
बिहार से बाहर रहने वालों को भी मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिहार से बाहर रहने वाले लोगों के लिए भी डिजिटल रजिस्ट्री की व्यवस्था तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि नौकरी या कारोबार के कारण दूसरे राज्यों में रहने वाले लोगों को भी आवेदन के जरिए इस सुविधा का लाभ मिलना चाहिए। इससे परिवार के बंटवारे, संपत्ति हस्तांतरण और अन्य जरूरी कामों में लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।

निबंधन कार्यालयों की सुविधाएं भी होंगी बेहतर
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सिर्फ डिजिटल व्यवस्था बनाना ही काफी नहीं है। जो लोग निबंधन कार्यालय आएं, उन्हें भी किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्यालयों में बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, साफ-सफाई, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं।
15 जुलाई से खुलेंगे 213 नए डिग्री कॉलेज
सीएम सम्राट चौधरी ने शिक्षा को लेकर भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई से बिहार के अलग-अलग प्रखंडों में 213 नए डिग्री कॉलेज शुरू किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे गांव और दूरदराज के इलाकों के विद्यार्थियों को अपने जिले या प्रखंड में ही उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा और उन्हें बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग नागरिकों के लिए होम रजिस्ट्रेशन सुविधा के शुभारम्भ कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी।@samrat4bjp pic.twitter.com/UzRBN3lNoV
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) July 11, 2026
पेंशन योजना का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर महीने की 10 तारीख को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत करीब एक करोड़ लाभार्थियों के बैंक खातों में 1100 रुपये सीधे भेज रही है। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसी योजनाएं ला रही है, जिनका सीधा फायदा आम लोगों तक पहुंचे और बिहार विकास की नई रफ्तार पकड़ सके।
कई मंत्री और आला अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, विभागीय सचिव नवीन कुमार, वैशाली की डीएम वर्षा सिंह, एसपी शुभांक मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि, आला अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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