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Ranchi : डिजिटल पत्रकारिता का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों में हजारों वेब पत्रकार हर दिन खबरों के बीच अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। लेकिन कई बार उनकी अपनी समस्याएं, सुझाव और संगठन से जुड़ी बातें पीछे छूट जाती हैं। अब WJAI यानी वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इस दूरी को कम करने और भरोसा कायम करने की पहल की है। संगठन ने फैसला लिया है कि अब हर महीने ऑनलाइन बैठक होगी, जिसमें सिर्फ औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि सदस्यों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उनके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
राष्ट्रीय महासचिव और सचिव स्तरीय ऑनलाइन बैठक में लिए गए इस फैसले को संगठन की कार्यशैली में एक नए बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। मकसद साफ है कि देश के किसी भी कोने में बैठा सदस्य अपनी बात सीधे संगठन तक पहुंचा सके और उसकी समस्या पर समय रहते कार्रवाई हो।
अब केवल बैठक नहीं, हर सदस्य से होगा सीधा संवाद
राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल के निर्देश पर तय किया गया कि हर महीने होने वाली ऑनलाइन बैठक में संगठन के सदस्य खुलकर अपनी बातें रख सकेंगे। किसी को सदस्यता से जुड़ी परेशानी हो, किसी को संगठनात्मक सहयोग चाहिए या फिर किसी नए सुझाव पर चर्चा करनी हो, हर मुद्दे को बैठक के एजेंडे में शामिल किया जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी राष्ट्रीय समिति के सचिव मिथिलेश मिश्रा और संयुक्त सचिव अनामिका मोंडल को सौंपी गई है। दोनों पदाधिकारी सदस्यों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और समाधान के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ समन्वय करेंगे। संगठन का मानना है कि नियमित संवाद से न केवल समस्याओं का जल्दी समाधान होगा, बल्कि सदस्यों का भरोसा भी मजबूत होगा।
देश के कई राज्यों में तेज होगा सदस्यता अभियान
बैठक में संगठन के विस्तार को भी प्राथमिकता दी गई। संयुक्त सचिव अनामिका मोंडल को पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में सदस्यता अभियान को गति देने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि अगस्त तक असम और त्रिपुरा में अधिक से अधिक सक्रिय डिजिटल पत्रकारों को संगठन से जोड़ा जाए। वहीं पश्चिम बंगाल में अगले सप्ताह तक राज्य कमिटी के गठन की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसी तरह संयुक्त सचिव रविशंकर शर्मा को जम्मू-कश्मीर, गोवा, तमिलनाडु और केरल में संगठन का विस्तार करने और नए सदस्यों को जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन का मानना है कि अलग-अलग राज्यों में मजबूत इकाइयां बनने से डिजिटल पत्रकारों का साझा मंच और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।
जवाबदेही और अनुशासन पर रहेगा पूरा जोर
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव अमित रंजन ने सभी सचिवों और संयुक्त सचिवों से कहा कि उन्हें अपने दायित्वों को केवल पद के रूप में नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में निभाना होगा। उन्होंने कहा कि संगठन का हर पदाधिकारी संविधान के अनुसार काम करेगा और समयबद्ध तरीके से अपने कार्य पूरे करेगा। संगठनात्मक अनुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक का संचालन राष्ट्रीय महासचिव मधुप मणि ‘पिक्कू’ ने किया। उन्होंने कहा कि हर महीने होने वाली समीक्षा बैठक में केवल समस्याओं पर चर्चा ही नहीं होगी, बल्कि संगठन की कार्ययोजना, सदस्यता अभियान और भविष्य की रणनीति की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि हर निर्णय का असर जमीन पर दिखाई दे।
बैठक में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मंजेश कुमार, सचिव मिथिलेश मिश्रा एवं विवेक कुमार, संयुक्त सचिव रविशंकर शर्मा और अनामिका मोंडल, कार्यालय सचिव रामबालक राय सहित राष्ट्रीय समिति के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में संगठन को मजबूत बनाने और देशभर के डिजिटल पत्रकारों के हित में सक्रिय रूप से काम करने का संकल्प दोहराया।
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