अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : मोबाइल और लैपटॉप से खबरों की दुनिया बदल रही है। आज लाखों लोग सुबह अखबार से पहले अपने मोबाइल पर खबर पढ़ते हैं। ऐसे दौर में वेब पत्रकारों की भूमिका भी लगातार बढ़ी है। लेकिन तेजी से बढ़ती इस दुनिया में चुनौतियां भी कम नहीं हैं। इन्हीं चुनौतियों और पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए WJAI यानी वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की बिहार इकाई ने अपनी नई शुरुआत कर दी है।
शनिवार को पटना के डाकबंगला चौराहा स्थित WJAI दफ्तर में नवगठित प्रदेश समिति की पहली बैठक हुई। यह सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि आने वाले दिनों में संगठन किस दिशा में आगे बढ़ेगा, इसका पूरा खाका भी तैयार किया गया। बैठक में चार अहम प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए, जिनका सीधा असर बिहार के वेब पत्रकारों पर पड़ने वाला है।
बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष अक्षय आनंद ने की, जबकि संचालन महासचिव सागर कुमार ने किया। राष्ट्रीय महासचिव मधुप मणि “पिक्कू” और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मंजेश कुमार की मौजूदगी ने बैठक को और महत्वपूर्ण बना दिया।
हर जिले तक पहुंचेगा संगठन, यहीं से होगी असली शुरुआत
बैठक में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया कि संगठन की पहचान सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। बिहार के हर जिले में मजबूत संगठन खड़ा करना ही पहली प्राथमिकता होगी। इसी सोच के साथ फैसला लिया गया कि अगस्त के पहले सप्ताह तक सभी जिलों में अध्यक्ष और सचिव की नियुक्ति पूरी कर ली जाएगी। इसके लिए जल्द ही जिला स्तर पर संवाद शुरू होगा और सक्रिय वेब पत्रकारों को संगठन से जोड़ा जाएगा। पदाधिकारियों का मानना है कि जब जिला स्तर पर मजबूत टीम होगी, तभी पत्रकारों की समस्याएं सही तरीके से सामने आएंगी और उनका समाधान भी संभव होगा।
अगस्त में एक मंच पर जुटेंगे बड़े चेहरे
बैठक का सबसे अहम फैसला अगस्त के पहले सप्ताह में होने वाले भव्य कार्यक्रम को लेकर रहा। संगठन चाहता है कि बिहार के वेब पत्रकारों को ऐसा मंच मिले, जहां उनकी भूमिका और योगदान को सम्मान मिले। इसी कार्यक्रम में बिहार विधानसभा और विधान परिषद के अध्यक्षों के साथ सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया है। यही वह मंच होगा, जहां पूरे बिहार के जिला अध्यक्षों और जिला सचिवों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इससे संगठन की नई टीम पूरे राज्य में सक्रिय रूप से काम शुरू करेगी।
सिर्फ संगठन नहीं, डिजिटल मीडिया की मजबूती पर भी चर्चा
बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा डिजिटल पत्रकारिता के आर्थिक पक्ष को लेकर भी रहा। पदाधिकारियों ने माना कि आज कई वेब पोर्टल और न्यूज वेबसाइट बेहतर काम कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी उनकी सबसे बड़ी चुनौती है। इसी वजह से बैठक में उन वेबसाइटों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के संभावित उपायों पर भी चर्चा हुई, जो संगठन से जुड़ी नहीं हैं लेकिन पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। हालांकि इस संबंध में कोई विस्तृत योजना सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन संकेत साफ हैं कि आने वाले समय में इस दिशा में भी ठोस पहल की जा सकती है।
अब हर शनिवार होगी काम की पड़ताल
संगठन ने यह भी तय किया कि अब काम सिर्फ बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा। हर शनिवार नियमित बैठक होगी, जिसमें पूरे सप्ताह के काम की समीक्षा की जाएगी। कौन सा जिला कितना सक्रिय है, सदस्यता अभियान कहां तक पहुंचा, आगे कौन से कार्यक्रम होंगे, इन सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। इस व्यवस्था का मकसद संगठन को लगातार सक्रिय रखना और तय समय पर योजनाओं को जमीन पर उतारना है।
पत्रकारों के हित सबसे ऊपर
बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों ने एक बात पर सहमति जताई कि संगठन का सबसे बड़ा मकसद वेब पत्रकारों के हितों की रक्षा करना होगा। आज डिजिटल पत्रकारिता तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन इस क्षेत्र में काम करने वाले पत्रकार कई तरह की चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे में WJAI ने भरोसा दिलाया कि संगठन सिर्फ सदस्य बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पत्रकारों के अधिकार, सम्मान और पेशेवर मजबूती के लिए भी लगातार काम करेगा।
ये रहे मौजूद
बैठक में राष्ट्रीय महासचिव मधुप मणि “पिक्कू”, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मंजेश कुमार, प्रदेश अध्यक्ष अक्षय आनंद, महासचिव सागर कुमार, करुणा कुमारी, अंजनी पांडेय, रोहित मेहता और अमर सिन्हा सहित प्रदेश समिति के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
इसे भी पढ़ें : WJAI बिहार की नयी ‘सेना’ तैयार, आनंद ने आनंद को सौंपी कमान

