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Patna : संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के मौके पर बिहार सरकार राज्यभर में बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। संत शिरोमणि गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत 18 अगस्त से होगी। सरकार का जोर इस बात पर है कि अनुसूचित जाति आबादी वाले टोलों में रहने वाले पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ जरूर मिले। इसके लिए 100 प्रतिशत संतुष्टि का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान की शुरुआत 18 से 20 अगस्त तक होने वाली कलश यात्रा से होगी। जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक कलश यात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं का रूट संबंधित जिलों के जिलाधिकारी तय करेंगे। इसके बाद 27 अगस्त से गांव और टोले के पास विकास शिविर लगाने का सिलसिला शुरू होगा, जो 15 फरवरी 2027 तक चलेगा।
हर गुरुवार लगेगा विकास शिविर, मौके पर होगा लोगों का काम
27 अगस्त से श्री संत रविदास विकास शिविर लगाए जाएंगे। हर गुरुवार को अनुसूचित जाति टोलों या उनके आसपास के क्लस्टर में स्थित सरकारी भवनों और मैदानों में ये शिविर लगाए जाएंगे। कोशिश यह रहेगी कि लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए प्रखंड और जिला कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
शिविर से पहले ही पात्र लोगों से आवेदन लिए जाएंगे और उनके आवेदनों का निपटारा किया जाएगा। इसके बाद शिविर के दिन लाभुकों को योजनाओं का लाभ देने की व्यवस्था की जाएगी। यानी जिस काम के लिए लोगों को कई बार सरकारी दफ्तर जाना पड़ता है, उसे शिविर के जरिए गांव के पास ही पूरा कराने की तैयारी है।
इन शिविरों में राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, बच्चों का स्कूल में दाखिला, आंगनवाड़ी, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम और मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता जैसी सुविधाओं से लोगों को जोड़ा जाएगा। ई-श्रम और श्रमिक कार्ड, आयुष्मान भारत तथा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, वास-भूमि बंदोबस्ती और सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े काम भी किए जाएंगे।
इसके साथ ही बुनियाद केंद्र की सुविधाएं, हर घर नल-जल, पक्की गली-नाली, मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, जीवन ज्योति बीमा, सुरक्षा बीमा, बिजली कनेक्शन, जीविका समूह और लोहिया स्वच्छता अभियान का लाभ भी पात्र परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
सितंबर-अक्टूबर में चलेंगी 9 IEC वैन, युवाओं के लिए भी होंगे कार्यक्रम
सरकारी योजनाओं की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए सितंबर और अक्टूबर में IEC वाहन भी चलाए जाएंगे। हर प्रमंडल में एक-एक वाहन रहेगा। इस तरह राज्य के 9 प्रमंडलों में कुल 9 IEC वैन के जरिए लोगों को अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
अभियान में बच्चों और युवाओं को भी जोड़ा जाएगा। जिला स्तर पर अंतर-विद्यालय खेल प्रतियोगिताएं, साइकिल रैली, वाद-विवाद, निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। युवाओं के लिए 3D प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और Industry 4.0 से जुड़े विशेष कौशल प्रशिक्षण भी आयोजित किए जाएंगे।
सरकार की ओर से प्रखंड स्तर पर श्री गुरु रविदास कल्याण सेवा केंद्र स्थापित करने की योजना है। वहीं आवासीय विद्यालयों में रविदास हाउस बनाए जाएंगे। संत शिरोमणि श्री रविदास जी के नाम पर पुरस्कार भी शुरू किए जाएंगे।
24 अगस्त तक माइक्रो-प्लान तैयार करने का निर्देश
मुख्य सचिव बिहार प्रत्यय अमृत ने अभियान को लेकर अधिकारियों को समय पर तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों के जिलाधिकारियों को 24 अगस्त 2026 तक प्रखंडवार रोस्टर और माइक्रो-प्लान तैयार करना होगा। इसमें यह तय किया जाएगा कि किस तारीख को किस टोले में शिविर लगेगा और वहां किन योजनाओं से जुड़े काम किए जाएंगे।
शिविर की तारीख और जगह की जानकारी हर टोले तक पहुंचाने की जिम्मेदारी विकास मित्रों को दी जाएगी। वे घर-घर लोगों को शिविर की जानकारी देंगे और पात्र लाभुकों को जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचने के लिए प्रेरित करेंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी शिविर में बुलाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
प्रशासनिक स्तर पर भी जिम्मेदारी तय की गई है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कम से कम एक-एक शिविर की अध्यक्षता करेंगे। इसके अलावा DM और SP डॉ. बी.आर. अंबेडकर आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों का दौरा कर वहां रहने वाले विद्यार्थियों से भी मिलेंगे।
जिला स्तर पर जिला कल्याण अधिकारी और प्रखंड स्तर पर प्रखंड कल्याण अधिकारी अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर शुरू होने वाला यह अभियान सिर्फ एक आयोजन तक सीमित न रहे, बल्कि अनुसूचित जाति टोलों में रहने वाले परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का लगातार माध्यम बने।
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