अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा है कि योजनाओं की प्रगति सिर्फ फाइलों और बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अधिकारी खुद क्षेत्र में जाकर काम की स्थिति देखें और जहां एजेंसियां लापरवाही कर रही हैं, वहां कार्रवाई करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम में देरी करने या जिम्मेदारी नहीं निभाने वाली एजेंसियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। खराब प्रदर्शन के मामले में M/s Landsky Engineers Pvt. Ltd. का LOA रद्द कर उसे डिबार किया जा चुका है।
मुख्य सचिव सोमवार को राज्य में चल रही प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के विशेष राशन कार्ड अभियान और ऊर्जा विभाग की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा हुई। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को काम की रफ्तार बढ़ाने के साथ-साथ जमीन पर जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति देखने को कहा।

राशन कार्ड में तेजी लाने का निर्देश
समीक्षा के दौरान खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से बताया गया कि विशेष अभियान के तहत राज्यभर में 13 लाख 93 हजार 704 ऑफलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। जांच के बाद इनमें 11 लाख 83 हजार 792 आवेदन पात्र पाए गए हैं।
17 अगस्त तक 4 लाख 13 हजार 79 आवेदनों की डेटा एंट्री पूरी हो चुकी है। यह करीब 35 प्रतिशत है। जहानाबाद 104 प्रतिशत डेटा एंट्री के साथ सबसे आगे है। इसके बाद दरभंगा 102 प्रतिशत, अरवल 98 प्रतिशत और बांका 98 प्रतिशत पर है।
मुख्य सचिव ने कहा कि पात्र लोगों को राशन कार्ड मिलने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए लंबित e-KYC की प्रक्रिया को मिशन मोड में पूरा करने और उसके बाद पात्र लाभार्थियों के राशन कार्ड जल्द जारी करने का निर्देश दिया गया।
अब तक 13,292 आवेदनों को e-KYC के लिए सक्षम किया गया है। इनमें 1,569 आवेदकों का e-KYC पूरा हो चुका है। एसडीओ लॉगिन के जरिए अब तक 6,826 राशन कार्ड जारी किए गए हैं। सहरसा 2,124 राशन कार्ड जारी कर सबसे आगे है।

पीएम सूर्य घर योजना को लेकर सरकार ने बढ़ाई रफ्तार
बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर भी खास जोर रहा। बिहार सरकार ने योजना के तहत लोगों को मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ाने का फैसला किया है। 12 अगस्त को राज्य कैबिनेट ने प्रति किलोवाट 10 हजार रुपए की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी है। यह अधिकतम 20 हजार रुपए प्रति लाभार्थी तक होगी।
केंद्र की CFA सब्सिडी और राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता को मिलाकर 1 किलोवाट पर कुल 40 हजार रुपए, 2 किलोवाट पर 80 हजार रुपए और 3 किलोवाट पर 98 हजार रुपए तक की सब्सिडी मिलेगी। यह लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर 5 लाख लाभार्थियों को दिया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार 1,000 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
14 अगस्त को सभी जिलों के लिए 5 लाख सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन का शुरुआती लक्ष्य तय कर फील्ड टीमों को भेज दिया गया है। पटना को 28 हजार, पूर्वी चंपारण को 24 हजार और मुजफ्फरपुर को 23 हजार सोलर रूफटॉप लगाने का लक्ष्य मिला है।
एक सप्ताह में 6,690 पैनल लगे
समीक्षा में बताया गया कि 10 से 16 अगस्त के बीच सोलर रूफटॉप लगाने के काम में तेजी आई है। इस दौरान 14,079 स्ट्रक्चर लगाए गए, जो पिछले सप्ताह के मुकाबले 36 प्रतिशत ज्यादा है। इसी अवधि में 6,690 सोलर पैनल लगाए गए, जिसमें 48 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
अब तक राज्य में 35,879 स्ट्रक्चर और 14,656 सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नवंबर 2026 तक तय दैनिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम में लगातार तेजी रखी जाए।
132 निरीक्षण 7 दिन से ज्यादा समय से लंबित
बैठक में निरीक्षण से जुड़ी लंबित मामलों पर भी मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई। बताया गया कि 7 दिनों से ज्यादा समय से 132 निरीक्षण लंबित हैं। उन्होंने इन सभी निरीक्षणों को तुरंत पूरा करने का निर्देश दिया।
फिलहाल निरीक्षण पूरा होने में औसतन 14 दिन लग रहे हैं। मुख्य सचिव ने इस समय को कम करने को कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि सोलर रूफटॉप लगाने के बाद निरीक्षण और आगे की प्रक्रिया में बेवजह समय नहीं लगना चाहिए।
सामग्री की कमी से नहीं रुकना चाहिए काम
योजना की रफ्तार बनाए रखने के लिए सप्लाई चेन पर भी नजर रखने को कहा गया। फिलहाल 12,407 स्ट्रक्चर और 17,610 सोलर पैनल स्टॉक में उपलब्ध हैं। वहीं 13,200 स्ट्रक्चर और 3,112 पैनल रास्ते में हैं।
मुख्य सचिव ने एजेंसियों को निर्देश दिया कि नवंबर तक निर्धारित दैनिक लक्ष्य को पूरा करने के लिए सामग्री की सप्लाई लगातार बनी रहनी चाहिए। किसी भी स्तर पर सामग्री की कमी के कारण काम रुकना नहीं चाहिए।
लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचाने पर जोर
पीएम सूर्य घर योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए जिलों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। पटना के गांधी मैदान में झांकी के जरिए लोगों को योजना की जानकारी दी गई। दरभंगा और गया में कार्यशालाएं हुई हैं। पूर्णिया में थिएटर और रेडियो विज्ञापन के जरिए प्रचार किया जा रहा है।
जहानाबाद और नवादा में सोलर रथ यात्रा निकाली जा रही है। कई जिलों में सोलर मेले भी लगाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मकसद लोगों को योजना, सब्सिडी और सोलर रूफटॉप लगाने की प्रक्रिया की जानकारी देना है।
मुख्य सचिव ने अगली समीक्षा बैठक को लेकर भी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। संबंधित सभी मुख्य अभियंताओं को अगली बैठक में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है।
इसे भी पढ़ें : गांव-टोले में ही होगा सरकारी काम, 18 अगस्त से शुरू होगा गुरु रविदास समरसता अभियान













