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News Samvad: बिहार के मुजफ्फरपुर में एक ऐसा आलीशान मकान है, जिसे देखकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल हो जाता है। आमतौर पर घर में कार पार्किंग के लिए जगह होती है, लेकिन मुजफ्फरपुर के इस घर की कहानी कुछ अलग है। यहां कार को रैंप के जरिए ऊपर की मंजिल तक ले जाया जा सकता है और यहां तक कि बेडरूम के पास तक पहुंचने की व्यवस्था भी बताई गई है।रामदयालु इलाके में बना यह मकान अपनी अनोखी बनावट और सुविधाओं के कारण लंबे समय से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग इसे ‘अमेरिकन हाउस’ और ‘डॉलर विला’ के नाम से जानते हैं। आसपास के लोग ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से आने वाले लोग भी इस घर को देखने और इसके सामने तस्वीरें और सेल्फी लेने पहुंचते हैं।
हर फ्लोर पर पार्किंग, कार सीधे ऊपर तक
इस घर की सबसे ज्यादा चर्चा जिस वजह से होती है, वह है इसकी खास रैंप व्यवस्था। बताया जाता है कि घर में तीन मंजिल हैं और अलग-अलग स्तरों पर पार्किंग की सुविधा रखी गई है। घर में बनाई गई रैंप के जरिए कार को ऊपर के हिस्से तक ले जाया जा सकता है। यही नहीं, कार को बेडरूम के पास तक ले जाने की व्यवस्था भी इस घर को बाकी मकानों से अलग बनाती है। घर के आर्किटेक्ट विपुल सिंह के मुताबिक, मकान बनाते समय मालिक की जरूरतों और पसंद को ध्यान में रखते हुए इसका पूरा डिजाइन तैयार किया गया था।
14 कोठियां, स्विमिंग पूल और बड़ा गार्डन
इस आलीशान मकान में कुल 14 कोठियां बनाई गई हैं। इसके अलावा परिसर में फाउंटेन, स्विमिंग पूल और बड़ा गार्डन भी है। घर के ऊपरी हिस्से में कॉटेज की तरह बैठने की जगह बनाई गई है, जिसे गजिबू कहा जाता है। यहां लोग बैठकर आराम कर सकते हैं और आसपास के माहौल का आनंद ले सकते हैं। घर की बनावट में अमेरिकी शैली की झलक दिखाई देती है, लेकिन इसे भारतीय जरूरतों के हिसाब से भी तैयार किया गया है।
2012 में शुरू हुआ था निर्माण
मकान के मालिक अजय सिंह के चाचा रणबीर सिंह के मुताबिक, इस घर का निर्माण साल 2012 में शुरू हुआ था और 2016 में पूरा हुआ। अजय सिंह वर्ष 1987 में अमेरिका गए थे। बाद में वे अपने परिवार के साथ वहीं बस गए। अमेरिका में वे परफ्यूम का कारोबार करते हैं। उनके एक बेटा और एक बेटी है। रणबीर सिंह बताते हैं कि घर के निर्माण और डिजाइन में परिवार से जुड़े आर्किटेक्ट इंजीनियर विपुल सिंह की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मुताबिक, घर बनाने में उस समय छह करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए थे। हालांकि परिवार के एक सदस्य का कहना है कि पूरी प्रॉपर्टी और निर्माण पर इससे काफी अधिक रकम खर्च हुई है।
घर की जरूरत के हिसाब से तैयार किया गया डिजाइन
आर्किटेक्ट विपुल सिंह बताते हैं कि इस घर का डिजाइन किसी सामान्य मकान की तरह तैयार नहीं किया गया था। मकान मालिक की जरूरतों को समझने के बाद पूरे घर का कॉन्सेप्ट तैयार किया गया। उनके मुताबिक, मालिक उस समय यहां रहते नहीं थे और यहां पहले से उनका कोई घर भी नहीं था। जब उन्होंने मुजफ्फरपुर में घर बनाने की योजना बनाई, तो परिवार की जरूरतों और पसंद के हिसाब से डिजाइन तैयार किया गया। घर को तीन से चार लेवल की संरचना में तैयार किया गया और कोशिश की गई कि परिवार की जरूरत की ज्यादातर सुविधाएं एक ही जगह मिल जाएं।
बेडरूम से दिखाई देता है मेन गेट
घर की डिजाइन में कई ऐसी चीजें हैं, जो इसे आम घरों से अलग बनाती हैं। आर्किटेक्ट विपुल सिंह के अनुसार, मास्टर बेडरूम में इस तरह व्यवस्था की गई है कि बेड पर लेटे हुए भी मेन गेट दिखाई देता है। घर में एक सिंगल स्क्रीन सिस्टम भी लगाया गया है। यानी अगर लिविंग रूम में कोई फिल्म चल रही है, तो उसे घर के दूसरे बेडरूम में भी देखा जा सकता है। इसके अलावा घर में इंटरनल हाइड्रॉलिक लिफ्ट, सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंग और कई दूसरी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं।
मकराना से बुलाए गए थे कारीगर
इतने बड़े मकान के निर्माण में ज्यादातर मजदूर और कारीगर बिहार और मुजफ्फरपुर के ही थे। हालांकि ग्रेनाइट और मार्बल लगाने के लिए विशेष कारीगर मकराना से बुलाए गए थे। कुछ खास तरह के काम और सर्विस के लिए दूसरे स्थानों से भी लोगों को बुलाया गया था। आर्किटेक्ट के मुताबिक, घर बनाने के दौरान कोई ऐसी बड़ी परेशानी नहीं आई, जिसे संभालना मुश्किल रहा हो।
बनते समय से ही लोगों के बीच थी चर्चा
स्थानीय लोगों के लिए यह मकान उस समय से ही आकर्षण का केंद्र रहा है, जब इसका निर्माण चल रहा था। स्थानीय निवासी विजय कुमार बताते हैं कि जब घर बन रहा था, तब भी आसपास के लोग इसे देखने आते थे। घर तैयार होने के बाद इसकी भव्यता ने लोगों को और आकर्षित किया। विजय के मुताबिक, आज भी जब मौका मिलता है तो लोग यहां आकर घर को बाहर से देखते हैं और उसके सामने फोटो या सेल्फी लेते हैं। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों के बीच यह घर आज भी ‘अमेरिकन हाउस’ के नाम से ही जाना जाता है।
भोजपुरी फिल्म की भी हो चुकी है शूटिंग
यह मकान सिर्फ अपनी वास्तुकला के लिए ही चर्चित नहीं है, बल्कि यहां फिल्म की शूटिंग भी हो चुकी है। मकान में भोजपुरी फिल्म ‘एक रजाई तीन लुगाई’ की शूटिंग हुई थी। फिल्म में भोजपुरी अभिनेता विराज भट्ट समेत कई कलाकारों ने यहां शूटिंग की थी। इसके अलावा इस घर में कई भोजपुरी गानों की शूटिंग भी हो चुकी है। यही वजह है कि यह मकान आसपास के लोगों के बीच और ज्यादा जाना-पहचाना हो गया।
35 करोड़ में बेचने की तैयारी की चर्चा
अजय सिंह लंबे समय से अमेरिका में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। इसी वजह से अब इस प्रॉपर्टी को बेचने की तैयारी की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि इस आलीशान मकान और पूरी प्रॉपर्टी की कीमत करीब 35 करोड़ रुपये रखे जाने की चर्चा है।इसी बीच यह भी चर्चा है कि भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पिता ने इस प्रॉपर्टी को खरीदने में रुचि दिखाई है। हालांकि इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल सिर्फ चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है।
मुजफ्फरपुर में बना हुआ है अलग पहचान
रामदयालु इलाके का यह अमेरिकन हाउस आज मुजफ्फरपुर की उन जगहों में शामिल हो गया है, जिसे लेकर लोग आपस में चर्चा करते हैं। आम घरों में जहां कार को पार्किंग तक ले जाने की व्यवस्था होती है, वहीं इस मकान में कार को रैंप के जरिए ऊपरी हिस्से और बेडरूम के पास तक ले जाने की सुविधा इसकी सबसे बड़ी खासियतों में शामिल है। स्विमिंग पूल, फाउंटेन, गार्डन, गजिबू, हाइड्रॉलिक लिफ्ट और सिंगल स्क्रीन सिस्टम जैसी सुविधाएं भी इसे खास बनाती हैं। यही वजह है कि अमेरिका में रहने वाले मालिक का यह घर आज भी स्थानीय लोगों के लिए किसी अजूबे से कम नहीं है। बाहर से आने वाले लोग भी मुजफ्फरपुर पहुंचने पर इस अनोखे मकान को देखने की कोशिश करते हैं और इसकी तस्वीरें अपने कैमरे में कैद करते हैं।

