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Ranchi : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और अभ्यर्थियों को पिछले दरवाजे से लाभ पहुंचाने के खेल पर सीआईडी ने बुधवार को जांच एजेंसी ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। JPSC और JSSC की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा में गड़बड़ी करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में दो परीक्षार्थी और दो बिचौलिए शामिल हैं। सीआईडी ने चारों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कोचिंग संचालक के जरिए जेपीएससी में पहुंचाया गया फायदा
जेपीएससी परीक्षा से जुड़े मामले (सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026) में दो अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें जमशेदपुर के मानगो स्थित उलीडीह निवासी कृतक रोशन और रांची के सुखदेवनगर स्थित कमलाकांत रोड निवासी पंकज प्रशून शामिल हैं। सीआईडी की तफ्तीश में सामने आया कि इन दोनों अभ्यर्थियों को रांची के लालपुर स्थित ‘शिवांगन की पाठशाला’ के संचालक संजीत कुमार के जरिए परीक्षा में गलत तरीके से अनुचित लाभ दिलाया गया था। मामले में पुख्ता साक्ष्य मिलने और संलिप्तता साफ होने के बाद एजेंसी ने दोनों को दबोच लिया।

जेएसएससी सीजीएल में कोडरमा से पकड़े गए दो शातिर
दूसरी ओर जेएसएससी सीजीएल परीक्षा गड़बड़ी मामले (सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025) में जांच टीम ने कोडरमा में छापेमारी कर दो आरोपियों को पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों में डोमचांच के गोलवाडाब निवासी राजेश प्रसाद यादव और पूर्णा नगर निवासी संदीप कुमार शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इन दोनों पर परीक्षा में कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और सेटिंग कराने का आरोप है। परीक्षा में गड़बड़ी की कड़ियां जुड़ने के बाद सीआईडी ने दोनों को गिरफ्तार किया।
पूरे सिंडिकेट और बिचौलियों की तलाश में जुटी सीआईडी
सीआईडी दोनों ही मामलों में अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में लगी है। जांच टीम यह पता लगा रही है कि परीक्षाओं में धांधली का यह खेल किस स्तर पर चल रहा था और किन-किन लोगों को इसका फायदा पहुंचाया गया है। इसके अलावा गिरोह में शामिल अन्य अभ्यर्थियों, पर्दे के पीछे रहकर काम करने वाले बिचौलियों और परीक्षा प्रणाली से जुड़े संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत चारों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। एजेंसी का कहना है कि दोनों मामलों में जांच अभी जारी है।
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