Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Thursday, 15 October, 2026 • 12:29 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » बकरी बाजार में दिखा 1000 साल पुराने मंदिर का तिलिस्म, DC बोले- इसके बिना रांची की पूजा अधूरी
झारखंड

बकरी बाजार में दिखा 1000 साल पुराने मंदिर का तिलिस्म, DC बोले- इसके बिना रांची की पूजा अधूरी

October 15, 2026No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

Ranch i: अगर आप रांची में रहते हैं या नवरात्र के दिनों में शहर में हैं, तो एक बात तय मानिए। जब तक आप बकरी बाजार नहीं पहुंचे, तब तक आपका पंडाल हॉपिंग का सफर पूरा नहीं हो सकता। राजधानी में दुर्गा पूजा का मतलब ही कुछ खास पंडालों की चहल-पहल होती है और भारतीय युवक संघ, बकरी बाजार का नाम इस फेहरिस्त में सबसे ऊपर आता है। यह समिति हर साल अपनी बेजोड़ थीम, कलाकारी और भव्यता से शहरवासियों को चौंकाती रही है। इस बार भी परंपरा टूटी नहीं, बल्कि और ज्यादा भव्य होकर सामने आई है। बुधवार की शाम जैसे ही रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने मंत्रोच्चार के बीच दीप जलाकर इस पंडाल का विधिवत उद्घाटन किया, वैसे ही पूरा इलाका मां के जयकारों से गूंज उठा। डीसी ने भी वही बात दोहराई जो हर रांचीवासी के दिल में रहती है कि जब तक बकरी बाजार का पंडाल न देख लें, तब तक रांची की दुर्गा पूजा की रौनक अधूरी ही रहती है।

जब शाम ढलते ही जीवंत हो उठी दक्षिण भारत की संस्कृति

उद्घाटन का नजारा किसी बड़े सांस्कृतिक उत्सव जैसा था। शाम के करीब साढ़े छह बजे डीसी मंजूनाथ भजंत्री समिति के पदाधिकारियों के साथ पूजा की वेदी पर पहुंचे। विधिवत पूजन के बाद महिषासुर मर्दिनी के श्लोक गूंजने लगे और मां दुर्गा के चरणों में दीप प्रज्वलित किए गए। इसके तुरंत बाद मंच पर उतरी दक्षिण भारत की समृद्ध लोककला। खास तौर पर दक्षिण भारत से बुलाए गए कलाकारों ने जब पारंपरिक वेशभूषा में कथकली नृत्य की प्रस्तुति दी, तो वहां मौजूद हर शख्स बस देखता ही रह गया। भारी-भरकम मुखौटे, आंखों के सधे हुए भाव और घुंघरुओं की थाप ने पूरे माहौल को भक्ति और कला के अनूठे रंग में रंग दिया। मौके पर मौजूद शहर की विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधियों और दर्शकों ने तालियों और जयकारों से कलाकारों का हौसला बढ़ाया।

17 फीट के नंदी और 1000 साल पुराने मंदिर का दीदार

इस साल बकरी बाजार पंडाल की सबसे बड़ी खासियत इसका ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्वरूप है। पंडाल को तमिलनाडु के तंजावुर स्थित विश्वप्रसिद्ध और लगभग 1000 साल पुराने बृहदेश्वर मंदिर की हूबहू प्रतिकृति के रूप में ढाला गया है। पंडाल में कदम रखते ही सबसे पहले नजर ठहरती है भगवान शिव के वाहन नंदी की विशालकाय प्रतिमा पर। करीब 17 फीट ऊंची यह नंदी की मूर्ति बाहर से ही लोगों को आकर्षित कर रही है। कारीगरों ने इसे इतनी बारीकी से गढ़ा है कि मंदिर की प्राचीन बनावट का पूरा अहसास होता है। सबसे सुकून देने वाली बात यह है कि इस भव्यता को तैयार करने में पर्यावरण का पूरा ख्याल रखा गया है। संघ के प्रवक्ता अमित बजाज बताते हैं कि पंडाल के निर्माण में बांस, लकड़ी, जूट और प्राकृतिक कपड़ों का इस्तेमाल किया गया है। वहीं मां दुर्गा की जो प्रतिमा स्थापित की गई है, वह भी पूरी तरह इको-फ्रेंडली है ताकि आस्था के साथ प्रकृति का सम्मान भी बना रहे।

150 सदस्यों की मेहनत और दशकों की साख

बकरी बाजार की पहचान सिर्फ एक बड़े पंडाल के रूप में नहीं, बल्कि रांची की सांस्कृतिक विरासत के रूप में होती है। हर साल कुछ अलग और नायाब करने की इनकी जिद ही है कि शहर का बच्चा-बच्चा यहां खिंचा चला आता है। कभी राजस्थानी महल तो कभी देश के प्रमुख धाम, यहां का हर रूप लोगों के जेहन में बस जाता है। इस बार के आयोजन को यादगार बनाने के लिए संघ के करीब 150 सदस्य दिन-रात एक किए हुए हैं। अध्यक्ष राहुल अग्रवाल ने दर्शनार्थियों को नवरात्र की बधाई देते हुए कहा कि समिति की कोशिश हमेशा श्रद्धालुओं को एक नया और सुरक्षित अनुभव देने की रहती है। सचिव रवि रोहत्गी ने अतिथियों का अभिनंदन किया। आयोजन को सफल बनाने में संरक्षक शंभू दयाल अग्रवाल, सुरेश चौधरी, बिनोद छापड़िया और रमेश खेमका का मार्गदर्शन मिल रहा है। उपाध्यक्ष मदन बगड़िया, अरविंद चौधरी, रमेश अग्रवाल, अमर पोद्दार, मुकेश जालान, सहसचिवों की पूरी टीम, कोषाध्यक्ष सत्येंद्र जालान, सहकोषाध्यक्ष संजय चौधरी और ललित सोढाणी समेत पूरी कार्यकारिणी पंडाल परिसर में व्यवस्था संभालने में जुटी हुई है।

इसे भी पढ़ें : धनबाद में एनका’उंटर : SI की पिस्टल छीन भाग रहे ह’त्यारोपी को लगी गोली

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous ArticleIITF 2026 में दिखेगा बिहार का हुनर, कारीगरों और उद्यमियों से मांगे गए आवेदन

Related Posts

Headlines

महारत्न के आंगन में ‘दीमक’, CCL की साख पर बट्टा लगाने वाला OS CBI के शिकंजे में

October 14, 2026
Headlines

धनबाद में एनका’उंटर : SI की पिस्टल छीन भाग रहे ह’त्यारोपी को लगी गोली

October 14, 2026
झारखंड

छात्रा से दरिंदगी पर भड़का पाकुड़ : हाथों में कैंडल, आंखों में गुस्सा… सड़क पर उतरे छात्र

October 13, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

बकरी बाजार में दिखा 1000 साल पुराने मंदिर का तिलिस्म, DC बोले- इसके बिना रांची की पूजा अधूरी

October 15, 2026

IITF 2026 में दिखेगा बिहार का हुनर, कारीगरों और उद्यमियों से मांगे गए आवेदन

October 14, 2026

पटना के 20 छात्र सीख रहे जिंदगियां बचाने का हुनर, आपदा प्रबंधन विभाग दे रहा ट्रेनिंग

October 14, 2026

बिहार के सरकारी दफ्तरों की छतों पर लगेंगे सोलर प्लांट, 2030 तक बड़ा लक्ष्य

October 14, 2026

फर्जी लेबल, हाथ से बॉटलिंग… 5 नकली मिनरल वाटर प्लांट पर विभाग ने जड़ा ताला

October 14, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.