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Hazaribagh : हजारीबाग के गिद्दी इलाके में हुई सीसीएल कर्मी मंगलेश पाल उर्फ हैप्पी की सनसनीखेज हत्या की सच्चाई जब सामने आई, तो हर कोई दंग रह गया। जिस रिश्ते को सात जन्मों का बंधन माना जाता है, वही रिश्ता लालच, फरेब और बेवफाई की बलि चढ़ गया। 18 अक्टूबर की सुबह जब घर का दरवाजा खुला, तो फर्श पर मंगलेश की खून से सनी लाश पड़ी थी और सामने बंधी हालत में सिसकती हुई उसकी पत्नी सोनाली बैठी थी। पहली नजर में यह मामला किसी शातिर डकैत गिरोह की बर्बर लूट का लग रहा था, लेकिन पुलिस ने जब तहकीकात शुरू की तो महज चौबीस घंटों के भीतर आंसुओं का यह पर्दा उठ गया और सामने आ गया एक खौफनाक सच।
सुबह की चीखें और लूट का झूठा नाटक
18 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े पांच बजे गिद्दी ए मेन गेट के पास अचानक अफरा-तफरी मच गई। पड़ोसियों ने देखा कि मंगलेश के घर का मंजर दिल दहला देने वाला था। मंगलेश पर तेज धारदार हथियारों से वार किए गए थे और वह दम तोड़ चुका था। वहीं, उसकी 23 साल की पत्नी सोनाली के हाथ, पैर और मुंह बंधे हुए थे। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची गिद्दी थाना पुलिस के सामने सोनाली ने रोते-बिलखते हुए लूट की एक मनगढ़ंत कहानी पेश कर दी। उसने बताया कि भोर में कुछ अज्ञात लुटेरे घर में जबरन घुसे, जिन्होंने उसे बंधक बना लिया और मंगलेश की बेरहमी से हत्या कर दी।
मामले की नजाकत को भांपते हुए हजारीबाग एसपी अमन कुमार ने तुरंत एक्शन लिया और बड़कागांव एसडीपीओ IPS अमित आनंद की अगुआई में एक एसआईटी का गठन किया। मौके पर फॉरेंसिक, फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड की टीमों को बुलाया गया। घटनास्थल का हर कोना खंगाला गया, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से वह बारीक सुराग नहीं बच सके, जो सोनाली की गढ़ी हुई कहानी पर सवाल खड़े कर रहे थे।
बंद कमरे की साजिश, इश्क का फरेब और नौकरी की चाहत
एसआईटी ने जब तकनीकी साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड्स का मिलान किया, तो सोनाली की कहानी में झोल साफ दिखने लगा। पुलिस ने जब उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसका ड्रामा पूरी तरह बेनकाब हो गया।
सोनाली ने कबूल किया कि इस हत्याकांड की स्क्रिप्ट उसने खुद अपने प्रेमी कौशिक कुमार नौनिया के साथ मिलकर लिखी थी। कौशिक रिश्ते में उसका ममेरा भाई लगता है। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन मंगलेश उनके रास्ते का सबसे बड़ा कांटा बना हुआ था। इसके साथ ही सोनाली की नजर पति की सरकारी नौकरी पर भी थी। उसे मालूम था कि अगर मंगलेश की असमय मौत हो जाती है, तो आश्रित के तौर पर उसे सीसीएल में अनुकंपा के आधार पर पक्की नौकरी मिल जाएगी। प्रेमी का साथ और सरकारी कुर्सी की लालच ने मिलकर उसे इतना अंधा कर दिया कि उसने सुहाग को ही मिटाने की खूनी साजिश रच डाली।
आधी रात को घर में एंट्री और चाकू-दाउली से बर्बर हमला
साजिश के तहत सोनाली ने अपने प्रेमी कौशिक और एक नाबालिग साथी को आधी रात को घर में दाखिल कराया। गहरी नींद में सो रहे मंगलेश पर तीनों ने मिलकर धारदार दाउली और चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी तड़प-तड़पकर मौत हो गई।
कत्ल के बाद तीनों ने बड़े ही शातिराना ढंग से सबूत मिटाने का काम शुरू किया। कमरे के फर्श पर फैले खून को पोछे से साफ किया गया। डिजिटल सबूत मिटाने के लिए मंगलेश और सोनाली दोनों के मोबाइल फोन जला दिए गए। इसके बाद प्रेमी कौशिक और नाबालिग साथी ने सोनाली के हाथ, पैर और मुंह को रस्सी से बांध दिया, ताकि सुबह जब लोग देखें तो इसे किसी बाहरी डकैत गिरोह का काम समझें।
पुलिस की गिरफ्त में आए तीनों आरोपी, हथियार भी बरामद
आरोपियों ने बचने की पूरी तैयारी कर रखी थी, लेकिन कानून के हाथों से बच नहीं सके। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल खून लगा दाउली, खून लगा चाकू और सफाई में काम लाया गया खून सना पोछा बरामद कर लिया है। इसके अलावा आरोपियों के खून सने कपड़े, चप्पल, दो मोबाइल और जलाए गए फोन के अवशेष भी जब्त कर लिए गए हैं।
पुलिस ने पत्नी सोनाली कुमारी और उसके प्रेमी कौशिक कुमार नौनिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अपराध में शामिल नाबालिग लड़के को बाल सुधार गृह के लिए निरुद्ध किया गया है। मृतक की बहन की शिकायत पर गिद्दी थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई पूरी की जा रही है।
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