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Giridih : झारखंड के गिरिडीह जिले से गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया। मुफ्फसिल थाना इलाके के अजीडीह गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब महादेव त्रिवेदी नाम का एक शख्स अपने चार साल के मासूम बेटे को गोद में उठाकर करीब 120 फीट ऊंची पानी टंकी पर चढ़ गया। सुबह करीब 10 बजे जब गांव वालों की नजर टंकी के ऊपरी हिस्से पर पड़ी, तो हर कोई सन्न रह गया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों का भारी हुजूम जमा हो गया और पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।
रेलिंग पर बच्चे को लटकाकर फेंकने की देने लगा धमकी
टंकी के सबसे ऊपरी सिरे पर पहुंचकर महादेव अपने मासूम बच्चे के साथ खतरनाक ढंग से बैठ गया। हद तो तब हो गई जब उसने बच्चे को टंकी की रेलिंग पर खड़ा कर दिया और नीचे गिरा देने की धमकियां देने लगा। नीचे खड़े लोगों की सांसें हलक में अटक गईं। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने नीचे से आवाज लगाकर उसे समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। हालात बिगड़ते देख तुरंत मुफ्फसिल थाना पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई।
पुलिस और सीओ ने 3 घंटे तक संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाने की टीम दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। खतरे की परवाह किए बिना सब-इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सीढ़ियों के सहारे 120 फीट ऊंची टंकी पर चढ़े और महादेव से बात कर उसे शांत करने का प्रयास किया। मामले की नजाकत को भांपते हुए अंचलाधिकारी जितेंद्र प्रसाद भी मौके पर पहुंच गए। सीओ ने मोबाइल फोन के जरिए युवक से लंबी बातचीत की और उसकी हर परेशानी का हल निकालने का भरोसा दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार सूझबूझ और समझाइश के बाद, करीब तीन घंटे के भारी तनाव के बीच युवक बच्चे को साथ लेकर सही-सलामत नीचे उतर आया। दोनों के सुरक्षित नीचे आते ही वहां मौजूद लोगों ने चैन की सांस ली।
पारिवारिक जमीन विवाद से जुड़ा है पूरा मामला
दोनों को नीचे उतारने के बाद पानी टंकी के पास मौजूद एक पेड़ की छांव में बैठाया गया। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने युवक के रिश्तेदारों और गांव के प्रबुद्ध लोगों की मौजूदगी में उससे बात की। पूछताछ में पता चला कि यह पूरा ड्रामा पारिवारिक जमीन विवाद की वजह से हुआ था। युवक घरेलू कलह और जमीन के मसले को लेकर बेहद मानसिक तनाव में था। अधिकारियों की मौजूदगी में आपसी बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाने की पहल की गई। पुलिस और प्रशासन की वक्त पर दिखाई गई मुस्तैदी से एक बड़ा अनहोनी हादसा टल गया।
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