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News Samvad : केंद्र सरकार की ओर से देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र लोगों को कौशल प्रशिक्षण देने के साथ औजार खरीदने के लिए आर्थिक सहायता और अपना कारोबार शुरू करने के लिए सस्ते ब्याज दर पर लोन भी दिया जाता है। इसका मकसद पारंपरिक काम करने वाले कारीगरों की आमदनी बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है।
हालांकि, कई बार लोगों को योजना में आवेदन करने, प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने, टूलकिट सहायता हासिल करने या लोन लेने में परेशानी होती है। ऐसी स्थिति में परेशान होने की जरूरत नहीं है। योजना से संबंधित समस्याओं और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। आवेदन करने से पहले यह जानना भी जरूरी है कि योजना का लाभ किन लोगों को मिल सकता है और इसके तहत कितनी आर्थिक सहायता दी जाती है।
परेशानी होने पर इन हेल्पलाइन नंबरों पर करें संपर्क
अगर आपको प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में आवेदन करने या इसके तहत मिलने वाले लाभों को लेकर कोई समस्या आ रही है, तो आप हेल्पलाइन नंबर 18002677777 और 17923 पर संपर्क कर सकते हैं। इन नंबरों के माध्यम से योजना से जुड़ी जानकारी लेने और अपनी परेशानी बताने में मदद मिल सकती है। योजना में रजिस्ट्रेशन, कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट प्रोत्साहन राशि और लोन से संबंधित जानकारी के लिए भी हेल्पलाइन की मदद ली जा सकती है। संपर्क करते समय अपनी समस्या स्पष्ट रूप से बताएं, ताकि संबंधित जानकारी हासिल करने में आसानी हो सके। आवेदन की स्थिति या किसी लाभ में देरी होने पर उपलब्ध आवेदन संबंधी जानकारी अपने पास रखें।
इन पारंपरिक कामों से जुड़े लोग कर सकते हैं आवेदन
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लाभ पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े पात्र कारीगरों और शिल्पकारों को देने का प्रावधान है। इसमें बढ़ई, नाव बनाने वाले, अस्त्रकार, लोहार, हथौड़ा और औजार बनाने वाले, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, पत्थर तराशने वाले, पत्थर तोड़ने वाले और राजमिस्त्री जैसे पारंपरिक काम करने वाले लोग शामिल हैं।
इसके अलावा मोची या जूता बनाने वाले कारीगर, नाई, धोबी, दर्जी, मालाकार, टोकरी, चटाई और झाड़ू बनाने वाले कारीगर, गुड़िया और खिलौने बनाने वाले तथा मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले लोग भी योजना के निर्धारित मानदंडों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।योजना का लाभ लेने के लिए केवल संबंधित काम करना ही पर्याप्त नहीं है। आवेदक को योजना की पात्रता शर्तों को भी पूरा करना होता है। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल या संबंधित सहायता केंद्र से पात्रता, जरूरी दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की जानकारी लेना उचित रहेगा।
प्रशिक्षण के दौरान रोजाना 500 रुपये, औजार खरीदने के लिए 15 हजार तक की मदद
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान निर्धारित शर्तों के अनुसार रोजाना 500 रुपये का स्टाइपेंड देने का प्रावधान है। इससे कारीगरों को अपना काम बेहतर तरीके से करने और नए कौशल सीखने में मदद मिलती है। कारीगरों को अपने काम के लिए जरूरी औजार खरीदने के लिए 15,000 रुपये तक की टूलकिट प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। इससे उन्हें कामकाज के लिए जरूरी उपकरण जुटाने में आर्थिक मदद मिल सकती है।
योजना में अपना कारोबार शुरू करने या मौजूदा काम को आगे बढ़ाने के लिए रियायती ब्याज दर पर लोन देने की व्यवस्था भी है। पात्र लाभार्थी पहले चरण में एक लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं, जिसकी निर्धारित पुनर्भुगतान अवधि 18 महीने है। इसके बाद पात्रता और पहले चरण के लोन से जुड़ी शर्तें पूरी करने पर दूसरे चरण में दो लाख रुपये तक का अतिरिक्त लोन मिल सकता है। दूसरे चरण के लोन की निर्धारित पुनर्भुगतान अवधि 30 महीने है।
इस तरह योजना के जरिए पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण, औजार और कारोबार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। अगर आप भी पात्र हैं और आवेदन या योजना का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी हो रही है, तो हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने के साथ आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों की जानकारी जरूर लें।
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