Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Thursday, 30 April, 2026 • 09:45 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » नागरिकता संशोधन कानून संविधान विरोधी: वामदल
रांची

नागरिकता संशोधन कानून संविधान विरोधी: वामदल

December 19, 2019No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

रांची। वामदलों ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रतिवाद मार्च निकाला। प्रतिवाद मार्च सैनिक बाजार से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकला। प्रतिवाद मार्च में बड़ी संख्या में वामदलों के कार्यकर्ता शामिल हुए। एनआरसी, कैब वापस लो ,धार्मिक आधार नागरिकता कानून नहीं चलेगा के जोरदार नारे के साथ प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में भाकपा, माकपा, और भाकपा माले समेत कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

मौके पर माले राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून का विरोध इसलिए नहीं हो रहा है कि इसके तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दी जा रही है बल्कि, विरोध की वजह यह है कि यह पूरे देश में एनआरसी लागू करने की तैयारी है। धार्मिक आधार पर नागरिकता संशोधन लाया जाना, संविधान विरोधी है।

Advertisement Advertisement

भाकपा के जिला सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार यह जवाब दे कि अगर देश में कोई अवैध नागरिक है तो उसके लिए पहले से ही फारनर्स एक्ट बना हुआ है, जिसके तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिर नागरिकों पर ही उन्हें खुद को नागरिक साबित करने की जिम्मेदारी क्यों डाली जा रही है? मोदी और अमित शाह चीख-चीख कर अपने भाषणों में कह रहे हैं कि मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं है। अगर वह सचमुच भरोसा दिलाना चाहते हैं तो असम में डिटेंशन सेंटर बंद करके इसकी शुरुआत करें।

माकपा के सुखनाथ लोहरा ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून अगर लागू हुआ, तो पांच लाख से अधिक आदिवासी-मूलवासी नागरिकता से बाहर हो जायेंगे। साथ ही इनके संरक्षण के लिए बने सीएनटी-एसपीटी एक्ट जैसे कानून निष्प्रभावी हो जायेंगे। इस कानून का विशेष प्रभाव टाना भगत समेत आदिम जनजातियों पर पड़ेगा।

कार्यक्रम में मासस के वरीय नेता सुशांतो मुखर्जी, माले नेता भुवनेश्वर केवट, भीम साहू, एनामुल हक़, आइटी तिर्की, भाकपा नेता उमेश नज़ीर, सच्चिदानंद मिश्रा, इशाक अंसारी सहित अन्य कई लोग मौजूद थे।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleइंदौर में पहली बार हो रही फेडरेशन कप पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप, शुक्रवार को होगा शुभारंभ
Next Article 35 उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला 20 को

Related Posts

Headlines

‘राजनंदनी’ का कमरा बना हादसे का पिंजरा, आठ लोग पहुंच गए अस्पताल

April 30, 2026
Headlines

रांची के विकास का नया ब्लूप्रिंट तैयार, सीएम बोले- हरियाली से समझौता नहीं

April 29, 2026
Headlines

ट्रेजरी घोटाले में बड़ा धमाका : बोकारो एसपी ऑफिस का कर्मी CID के शिकंजे में

April 29, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

‘राजनंदनी’ का कमरा बना हादसे का पिंजरा, आठ लोग पहुंच गए अस्पताल

April 30, 2026

राशिफल @ 30 अप्रैल 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

April 30, 2026

रांची के विकास का नया ब्लूप्रिंट तैयार, सीएम बोले- हरियाली से समझौता नहीं

April 29, 2026

कम सोने वालों सावधान, दिमाग और दिल दोनों पर पड़ रहा है सीधा असर

April 29, 2026

रामनगरी में भक्ति का महासंगम, योगी बोले- राम मंदिर ने तोड़ी जाति की दीवार

April 29, 2026
Advertisement Advertisement
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.