Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Monday, 21 September, 2026 • 02:28 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » समाज की प्रगति के लिए संघर्ष नहीं सहयोग, समन्वय और संवाद जरूरी : भागवत
देश

समाज की प्रगति के लिए संघर्ष नहीं सहयोग, समन्वय और संवाद जरूरी : भागवत

January 14, 2020No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि भारतीय परंपरा का मानना है कि सहयोग, समन्वय और संवाद से जीवन और समाज आगे बढ़ता है संघर्ष से नहीं।

भारतीय किसान संघ के नवनिर्मित मुख्यालय भवन ‘किसान शक्ति’ का उद्घाटन करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि पश्चिम सभ्यता की मान्यता है कि संघर्ष और प्रतिस्पर्धा से इतिहास और जीवन आगे बढ़ता है। भारतीय चिंतन और परंपरा इसके विपरीत है हमारा विश्वास है कि सहयोग, समन्वय, आत्मीयता और प्रेम से समाज की प्रगति संभव है। उन्होंने स्वार्थ से ऊपर उठकर देश और समाज के कल्याण का ध्येय सामने रखकर लोगों से कार्य करने का आह्वान किया। ध्येय प्राप्ति के लिए विभिन्न साधन जरूरी हैं लेकिन साधनों से अधिक महत्वपूर्ण कर्म की साधना है।

auto

उन्होंने कहा कि भारत का किसान यदि समर्थ और समस्या मुक्त होगा तो भारत को परम वैभव संपन्न बनाने में योगदान दे सकेगा, क्योंकि भारत का परम वैभव संपन्न होना विश्व की सुख शांति के लिए अब अनिवार्य हो गया है। यह हमारा ध्येय है और इसके लिए काम कर रहे हैं।

किसान संघ के प्रशासकीय कार्यालय के संदर्भ में भागवत ने कहा कि किसान संघ को उसके कार्यकर्ता और समाज के लोग प्रशासक के रूप में नहीं बल्कि संगठन के रूप में देखते हैं। उन्होंने कार्यालय में आधुनिकस सुविधाओं के बीच किसानों के लिए अपनत्व का वातवारण बनाये जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान संघ को अपने प्रशासकीय कार्यालय का ऐसा समर्थ वातावरण रखना होगा कि किसानों में यह विश्वास बने कि यदि वह यहां पहुंच गया तो वह सभी समस्याओं से मुक्त हो जाएंगा। ऐसे वातावरण में यहां आने वाला व्यक्ति अपने भविष्य और वर्तमान के विषय में निश्चिंत होकर ध्येयनिष्ठ बनेगा।

उन्होंने कहा कि इस कार्यालय में आने वाले को अपने पन की अनुभूति होनी चाहिए जिससे उसके हृदय में आत्मविश्वास जगे कि यद्पि चारों ओर प्रचलित वातावरण विपरीत है, हमारी बात सत्य है, हम काम करते रहेंगे तो हम सबको साथ लेकर ये समय बदल देंगे। हालांकि व्यवस्था परिवर्तन का कार्य अलग है।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleगृह मंत्रालय ने डीएसपी देविंदर सिंह मामले की जांच एनआईए को सौंपी!
Next Article निर्भया केस : मौत की तारीख नजदीक आने से विनय की उड़ी नींद

Related Posts

Headlines

दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला वासेपुर, डॉन का भाई जख्मी

September 21, 2026
Headlines

फर्जी सिम और IMEI से छेड़छाड़ पर 3 साल तक जेल, 50 लाख जुर्माना, एडवाइजरी जारी

September 21, 2026
Headlines

बैंकों में लगातार 5 दिन लटके रहेंगे ताले, जल्दी निपटा लें जरूरी काम

September 21, 2026
Advertisement
auto
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला वासेपुर, डॉन का भाई जख्मी

September 21, 2026

फर्जी सिम और IMEI से छेड़छाड़ पर 3 साल तक जेल, 50 लाख जुर्माना, एडवाइजरी जारी

September 21, 2026

बैंकों में लगातार 5 दिन लटके रहेंगे ताले, जल्दी निपटा लें जरूरी काम

September 21, 2026

राशिफल @ 21 सितंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

September 21, 2026

राजधानी में क्राइम पर पुलिस का जबरदस्त स्ट्राइक… जानें

September 20, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.