Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Thursday, 5 November, 2026 • 10:22 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » Vat Savitri Puja 2023: वट सावित्री पूजा कैसे करें? जानिए आसान विधि..
Headlines

Vat Savitri Puja 2023: वट सावित्री पूजा कैसे करें? जानिए आसान विधि..

May 19, 2023No Comments5 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto
IPRD_ERO_000293/26-27

auto

वट सावित्री पूजा एक हिंदू धार्मिक पर्व है जो हिन्दू महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। यह पूजा हिंदू कैलेंडर के ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है, जो मई-जून के बीच पड़ती है। इस पूजा का मुख्य उद्देश्य पतिव्रता, सुख-सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की कामना करना है।

पूजा का त्योहार सावित्री देवी के नाम पर मनाया जाता है, जो महाभारत में सत्यवान सती के रूप में प्रस्तुत होती हैं। सावित्री महिलाओं के पतिव्रता के प्रतीक मानी जाती हैं और इस पूजा को करने से पति की लंबी उम्र और पतिव्रता की शक्ति की प्राप्ति होने की कामना की जाती है।

पूजा के दिन महिलाएं सुबह सोने से पहले उठकर नहा धोकर सुंदर साड़ी पहनती हैं और सावित्री देवी की मूर्ति या फोटो के सामने जाकर पूजा करती हैं। पूजा में तुलसी की माला, रोली, चावल, दिये, फूल आदि का उपयोग किया जाता है। महिलाएं व्रत रखकर पूजा करती हैं और सावित्री देवी की कथा सुनती हैं।

इस दिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा भी करती हैं। वट वृक्ष को पूजने के लिए उन्हें प्रदक्षिणा करनी होती है और वृक्ष की छाल, पत्ते और फल आदि को दान करना होता है। यह पूजा पति की लंबी उम्र और सौभाग्य के लिए की जाती है।

वट सावित्री पूजा उत्तर भारत में विशेष रूप से महिलाओं द्वारा मनाई जाती है, लेकिन इसका महत्व देश के विभिन्न हिस्सों में भी है। यह पूजा महिलाओं के समूहों द्वारा आयोजित की जाती है और महिलाएं सावित्री देवी की कथा सुनती हैं, पूजा करती हैं और एक-दूसरे के हाथ से सिंदूर और सूहाग लेती हैं।

वट सावित्री पूजा एक प्रमुख पर्व है जो महिलाओं के द्वारा मनाया जाता है और पति की लंबी उम्र और सौभाग्य की कामना की जाती है। यह पूजा सामाजिक और पारिवारिक महत्व की होती है और महिलाओं के बीच सदभाव, सौहार्द और उत्साह को बढ़ाती है।

सत्यवान और सावित्री से जुड़ी कथा-

अपने पति के लिए सती सावित्री की भक्ति और स्नेह से प्रभावित होकर यमराज ने उनके पति सत्यवान के प्राण लौटा दिए। जैसा कि सावित्री ने भी यमराज से सौ पुत्रों के लिए कहा, उन्होंने उसे 100 बच्चों का आशीर्वाद दिया, जिसके लिए सत्यवान को लंबा जीवन जीना पड़ा। इस पौराणिक घटना के बाद से विवाहित महिलाएं हर साल ज्येष्ठ अमावस्या के दिन वट सावित्री व्रत रखती हैं। जो लोग वट सावित्री व्रत पहली बार कर रहे हैं, उन्हें यह जानना जरूरी है कि क्या करें और क्या न करें। 

वट सावित्री पूजा क्यों मानते है और कब से ?

वट सावित्री पूजा एक प्रमुख हिन्दू त्योहार है जो भारत में मनाया जाता है। यह पूजा मातृपुजा, स्त्री शक्ति की प्रशंसा और पतिव्रता की प्रतीकता के रूप में मनाई जाती है। यह व्रत भारतीय महिलाओं द्वारा धार्मिक आस्था के साथ विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है।
वट सावित्री पूजा का त्योहार वैशाख मास (ज्येष्ठ मास) की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है, जो भारतीय पंचांग के अनुसार मई और जून के बीच आती है। यह त्योहार सावित्री के नाम पर मनाया जाता है, जिन्होंने अपने पति की जिंदगी और लंबी आयु के लिए तपस्या और व्रत किया था।
वट सावित्री पूजा में महिलाएं व्रत रखती हैं और सवती बीज वृक्ष के पास जाकर पूजा करती हैं। वे बैठकर सावित्री देवी की कथा सुनती हैं और उन्हें व्रत कथा का भंडार कहा जाता है। इसके बाद महिलाएं प्रदक्षिणा करती हैं, धूप देती हैं, फूल चढ़ाती हैं और मन्त्र जपती हैं। वे अपने पति की दीर्घायु और सुखी जीवन की कामना करती हैं।
यह पूजा विवाहित महिलाओं द्वारा विशेष रूप से मनाई जाती है, लेकिन कई युवतियाँ भी इसे मानती हैं जो अपने जीवनसाथी का चयन करने की इच्छा रखती हैं। इस त्योहार के माध्यम से विवाहित महिलाएं और युवतियाँ पतिव्रता, प्रेम और पति की लंबी आयु के लिए अपनी भक्ति और पूजा प्रकट करती हैं।

जानें वट सावित्री व्रत नियम व विधि-

1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करके लाल रंग की साड़ी पहनें। 
2. बरगद के पेड़ के नीचे पूजा स्थल की सफाई करें। अशुद्धियों को दूर करने के लिए गंगाजल छिड़कें। 
3. अब सप्तधान्य को बांस की टोकरी में भरकर उसमें भगवान ब्रह्मा की मूर्ति रखें। दूसरी टोकरी में सप्तधन्य भरकर सावित्री और सत्यवान की मूर्तियां रख दें। दूसरी टोकरी को पहली टोकरी के बाईं ओर रखें। 
4. दोनों टोकरियों को बरगद के पेड़ के नीचे रखें। पेड़ पर चावल के आटे की छाप या पीठा लगाएं।
 5. पूजा के दौरान पेड़ की जड़ में जल चढ़ाएं और उसके चारों ओर 7 बार पवित्र धागा बांधें। अब वट वृक्ष की परिक्रमा करें।
6. इसके बाद पेड़ के पत्ते लेकर उनकी माला बनाकर धारण करें, फिर वट सावित्री व्रत की कथा सुनें। 
7. फिर चने का पकवान बनाकर सास का आशीर्वाद लेने के लिए कुछ पैसे दिए जाते हैं। 
8. किसी ब्राह्मण को कुछ फल, अनाज, वस्त्र आदि का दान करें। 
9. व्रत तोड़ने के लिए 11 भीगे हुए चने खाएं।

वट सावित्री व्रत पूजन की आसान विधि-

1. वट सावित्री व्रत के दिन सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से पूर्व उठें।
2. स्नान आदि करने के बाद नए वस्त्र धारण करें। श्रृंगार करें।
3. बरगद की पेड़ की जड़ को जल अर्पित करें। गुड़, चना, फल, अक्षत और फूल अर्पित करें।
4. वट सावित्री व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
5. वट वृक्ष के चारों ओर लाल या पीला धागा बांधकर वृक्ष की परिक्रमा करें।
6. परिक्रमा के समय पति की लंबी आयु की कामना करें।
7. इसके बाद घर के बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त करें।

वट सावित्री व्रत के दिन क्या करें और क्या नहीं-

वट सावित्री व्रत के दिन दान करना अति लाभकारी माना गया है। इस दिन सुहान का सामान दान करना शुभ माना गया है। वट सावित्री व्रत के दिन सुहागिन महिलाओं को काले कपड़े पहनने से बचना चाहिए। इसके अलावा सफेद वस्त्र भी धारण न करें। इस रंग की चूड़ियां भी ना पहनें।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleईडी ने बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी से की पूछताछ
Next Article लंच या डिनर के तुरंत बाद बचे ऐसा करने से बचें, सेहत को हो सकता है ये नुकसान..

Related Posts

Headlines

महासम्मेलन में सीएम हेमंत बोले- नशा छोड़ें युवा, मारांग बुरू की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी

November 5, 2026
Headlines

CM सम्राट ने लिया गंगा घाटों का जायजा, अफसरों से बोले- छठ व्रतियों को रत्ती भर भी न हो परेशानी

November 5, 2026
Headlines

रात के सन्नाटे में पाकुड़ के क्रशरों पर धावा बोलने वाला गिरोह बेनकाब, बंगाल से 3 गिरफ्तार

November 5, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

अदृश्य खतरों के बीच अदम्य साहस, राष्ट्रीय स्तर पर चमके बिहार SDRF के जांबाज

November 5, 2026

क्लास में टूटी झिझक की दीवार, डालसा सचिव ने बच्चों को दिया सुरक्षा का मजबूत आधार

November 5, 2026

महासम्मेलन में सीएम हेमंत बोले- नशा छोड़ें युवा, मारांग बुरू की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी

November 5, 2026

CM सम्राट ने लिया गंगा घाटों का जायजा, अफसरों से बोले- छठ व्रतियों को रत्ती भर भी न हो परेशानी

November 5, 2026

कृषि मंत्री का सीधा संदेश- नौजवान संभालें प्राकृतिक खेती, महिलाएं बनें एग्री-बॉस

November 5, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.