Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Friday, 13 March, 2026 • 09:57 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » गर्भपात और बच्चे के जन्म के अधिकार को लेकर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला… जानें
Headlines

गर्भपात और बच्चे के जन्म के अधिकार को लेकर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला… जानें

March 31, 2025No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
गर्भपात
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

News Samvad : बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक 32 साल की गर्भवती महिला की याचिका पर महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। कोर्ट ने बच्चे को जन्म देने के अधिकार पर विशेष टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति रेवती मोहित डेरे और जस्टिस नीला गोखले की खंडपीठ ने महिला को अपनी पसंद के निजी अस्पताल में गर्भपात की इजाजत दी है। हालांकि, अस्पताल को एक हलफनामा दाखिल कर अदालत को यह बताना होगा कि वह मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) अधिनियम के तहत सभी आवश्यकताओं को पूरा करने का इंतजाम कर चुका है। महिला ने याचिका में भ्रूण की विसंगतियों के कारण गर्भपात की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने 28 मार्च को पारित आदेश में कहा, “याचिकाकर्ता के प्रजनन स्वतंत्रता के अधिकार, शरीर पर उसकी स्वायत्तता और उसकी पसंद के अधिकार को ध्यान में रखते हुए गर्भपात की अनुमति दी जा रही है।” कोर्ट ने महिला की शारीरिक स्थिति को रेखांकित करते हुए कहा कि वह चिकित्सकीय रूप से गर्भ गिरा सकती है। महिला ने यह सुनिश्चित करने की मांग की थी कि गर्भपात की प्रक्रिया में भ्रूण की हृदय गति को कम किया जाए, जिससे बच्चा जीवित न पैदा हो सके। इस पर कोर्ट ने सरकारी अस्पताल- जेजे हॉस्पिटल के मेडिकल बोर्ड को गर्भपात के सबसे उपयुक्त तरीके पर राय देने का निर्देश भी दिया।

गौरतलब है कि एमटीपी एक्ट के प्रावधानों के अनुसार, 24 हफ्ते से अधिक का गर्भ गिराने के लिए अदालत की अनुमति आवश्यक है। महिला की पैरवी करने वाले वकील मीनाज काकलिया ने बताया कि गर्भधारण के लगभग 24वें हफ्ते में इको कार्डियोग्राफी कराने पर भ्रूण में विसंगति का पता चला। डॉक्टरों ने महिला को बताया कि गर्भ में पल रहा भ्रूण कंकाल संबंधी डिसप्लेसिया से पीड़ित है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा होता है। जेजे अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने भ्रूण की स्थिति का आकलन करने के बाद गर्भपात के लिए हरी झंडी दे दी थी।

Advertisement Advertisement

इसे भी पढ़ें : 20 फरवरी से गायब अर्जुन का अब तक कोई सुराग नहीं

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Article20 फरवरी से गायब अर्जुन का अब तक कोई सुराग नहीं
Next Article भारतीय नववर्ष पूर्णतः वैज्ञानिक और व्यावहारिक : डॉ एचपी नारायण

Related Posts

Headlines

नवप्रोन्नत IAS अधिकारियों को मिली नयी जिम्मेदारी.. देखें लिस्ट

March 13, 2026
Headlines

चुटुपालू घाटी में डरावना हादसा… जानें

March 13, 2026
Headlines

अवैध खनन पर शिकंजा, बिना कागजात बालू ले जा रहा ट्रैक्टर जब्त

March 13, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

नवप्रोन्नत IAS अधिकारियों को मिली नयी जिम्मेदारी.. देखें लिस्ट

March 13, 2026

चुटुपालू घाटी में डरावना हादसा… जानें

March 13, 2026

अवैध खनन पर शिकंजा, बिना कागजात बालू ले जा रहा ट्रैक्टर जब्त

March 13, 2026

‘किंग’ बनी अभिषेक बच्चन के लिए गेम-चेंजर… जानें कैसे

March 13, 2026

अजनबी कॉल ने बदल दी जिंदगी, CID ने किया सनसनीखेज खुलासा

March 13, 2026
Advertisement Advertisement
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.