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Uttar Pradesh : मजदूर दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिससे लाखों आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों की जिंदगी में सीधा असर पड़ेगा। अब तक जिन कर्मचारियों को तय समय, छुट्टियों और वेतन को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, उनके लिए सरकार ने नए नियम लागू कर दिए हैं।समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह कदम कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है।
साप्ताहिक छुट्टी और तय काम के घंटे
अब सबसे बड़ा बदलाव यह है कि किसी भी कर्मचारी से लगातार सातों दिन काम नहीं लिया जा सकता।
- 6 दिन काम के बाद 1 दिन की सवेतनिक छुट्टी जरूरी होगी
- रोजाना काम के घंटे 8 से 9 तय किए गए हैं
- इससे ज्यादा काम कराने पर ओवरटाइम देना होगा
इससे कर्मचारियों को आराम का समय मिलेगा और काम का दबाव भी कम होगा।
छुट्टियों में भी राहत
सरकार ने छुट्टियों के नियमों को भी साफ और व्यवस्थित कर दिया है ताकि कर्मचारी मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें।
- 10 दिन आकस्मिक अवकाश
- 6 महीने की सेवा के बाद 15 दिन बीमारी की छुट्टी
- हर साल 15 दिन अर्जित अवकाश, जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है
- महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश के नियमों का पूरा लाभ मिलेगा
समय पर वेतन और डिजिटल भुगतान
अब वेतन को लेकर भी कोई गड़बड़ी नहीं होगी।
- हर महीने 1 से 5 तारीख के बीच सैलरी सीधे बैंक खाते में आएगी
- कुल वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत बेसिक होगा
- इससे पीएफ और ग्रेच्युटी में भी फायदा मिलेगा
इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका कम होगी।
आउटसोर्स सेवा निगम से बड़ा असर
1 अप्रैल 2026 से लागू किए गए आउटसोर्स सेवा निगम के जरिए सरकार ने ठेकेदारी सिस्टम में सुधार की कोशिश की है।
- अकुशल श्रमिकों के लिए वेतन ₹11,000 से ज्यादा
- कुशल श्रमिकों के लिए ₹13,500 से ज्यादा
- समान काम के लिए समान वेतन पर जोर
इस कदम का मकसद है कि कर्मचारियों को उनका हक सीधे मिले और शोषण पूरी तरह खत्म हो।
सरकार का क्या कहना है
मंत्री असीम अरुण का कहना है कि सरकार का लक्ष्य अंत्योदय है, यानी समाज के आखिरी व्यक्ति तक सुविधा पहुंचाना। आउटसोर्स कर्मचारी व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें सम्मान और सुरक्षा देना जरूरी है।
क्या बदलेगा आम कर्मचारी के लिए
इन नए नियमों से कर्मचारियों को कई तरह से राहत मिलेगी:
- तय समय में काम और पर्याप्त आराम
- छुट्टियों की स्पष्ट व्यवस्था
- समय पर और सुरक्षित वेतन
- शोषण पर रोक
कुल मिलाकर, यह फैसला उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है, जो अब तक अस्थिर नियमों के बीच काम कर रहे थे।



