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Purnia (Bihar) : नदी किनारे बने गहरे गड्ढे में डूबकर एक ही गांव के पांच लोगों की मौत हो गई। एक साथ पांच लोगों की अर्थी उठने से पूरे गांव में कोहराम मच गया। पूरा गांव फूट-फूट कर रोया। गांव से करीब एक किलोमीटर दूर मिलिट्री पुल स्थित श्मशान घाट पर सभी का अंतिम संस्कार किया गया। हृदयविदारक यह घटना पूर्णिया जिले के कसबा प्रखंड के सुभाष नगर गांव से सामने आई है।
सदमे में परिवार और गांव के लोग
मृतक सचिन कुमार की मां पूनम देवी रो-रोकर बेहाल हैं। उन्होंने बताया कि उनका सपना था कि बेटा पुलिस की वर्दी पहने, लेकिन यह सपना हमेशा के लिए अधूरा रह गया। आठ साल पहले ही बीमारी से उनके पति मनोज राय का निधन हो गया था। उसके बाद पूनम देवी ने दूसरों के घर काम कर सचिन को पढ़ाया-लिखाया। सचिन मैट्रिक प्रथम श्रेणी से पास कर चुका था और अगले पांच महीने बाद इंटर की परीक्षा देने वाला था।
गौरी की मां पुतुल देवी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। गौरी की उम्र महज 9 साल थी और वह अपने पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर पर थी। गौरी अपनी मामी सुलोचना देवी के साथ शौच के लिए नदी किनारे गई थी। वहीं उसका पैर फिसल गया और वह गहरे गड्ढे में जा गिरी। बेटी को बचाने के प्रयास में सुलोचना देवी भी डूब गईं। सुलोचना देवी के बेटे राकेश ने बताया कि अगर ग्रामीण युवकों ने उनके भाई सन्नी को नहीं बचाया होता तो उसकी भी जान चली जाती। अपनी मां को उन्होंने ही मुखाग्नि दी।
18 वर्षीय शेखर राय की मौत ने उसके पिता गोपाल राय को तोड़ दिया है। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले गोपाल ने बताया कि शेखर सबसे बड़ा बेटा था और परिवार की जिम्मेदारी उसी पर थी। बहन की शादी कुछ महीनों में तय थी, जिसके लिए पिता-पुत्र दिल्ली जाकर पैसे जुटाने की तैयारी में थे। लेकिन हादसे ने सबकुछ खत्म कर दिया। शेखर ने भी बच्चों और महिला को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह खुद डूब गया।
हादसा कैसे हुआ?
गांव के लोग बता रहे हैं कि यह हादसा नदी किनारे बांध निर्माण कार्य में लापरवाही की वजह से हुआ। ठेकेदार ने मिट्टी निकालकर बांध तो बना दिया, लेकिन नदी में गहरे गड्ढे छोड़ दिए। इन्हीं गड्ढों में से एक में पांच लोग डूब गए। गौरी और उसकी मामी सुलोचना नदी में समा गईं। उन्हें बचाने के लिए सचिन, शेखर और करण कूद पड़े। लेकिन गहराई और तेज बहाव के कारण वे भी बाहर नहीं निकल पाए। ग्रामीणों और गोताखोरों ने मिलकर पांचों शवों को बाहर निकाला।
4-4 लाख मुआवजे का ऐलान
घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री लेसी सिंह और विधायक आफाक आलम मौके पर पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार और जिम्मेदार इंजीनियरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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