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Patna : बिहार की पहचान रहे पटना साइंस कॉलेज को एक बार फिर देश के बड़े विज्ञान संस्थानों की कतार में खड़ा करने की तैयारी शुरू हो गई है। सीएम सम्राट चौधरी ने रविवार को कॉलेज का दौरा किया और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यहां यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज की स्थापना की जाएगी। उनका कहना है कि यह विश्वविद्यालय भौतिकी और विज्ञान के क्षेत्र में पढ़ाई, रिसर्च और नई खोजों का बड़ा केंद्र बनेगा। इससे बिहार के छात्रों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और बाहर जाने की जरूरत भी कम होगी।
पुराने गौरव को वापस दिलाने पर सरकार का फोकस
कॉलेज परिसर का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की और कहा कि पटना साइंस कॉलेज का इतिहास काफी समृद्ध रहा है। यहां से पढ़कर देश-दुनिया में कई वैज्ञानिक और शिक्षाविदों ने अपनी पहचान बनाई है। अब सरकार की कोशिश है कि इस संस्थान को फिर से उसी मुकाम तक पहुंचाया जाए। इसके लिए विकास की पूरी योजना तय समय में तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
आधुनिक लैब और रिसर्च सेंटर होंगे तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां पढ़ने वाले छात्रों और शोधकर्ताओं को ऐसे संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनसे वे विज्ञान के क्षेत्र में नई खोज और नवाचार कर सकें। सरकार चाहती है कि बिहार विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो।
आज पटना साइंस कॉलेज एवं पटना कॉलेजिएट स्कूल का भ्रमण कर शैक्षणिक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
हमारा संकल्प है कि पटना साइंस कॉलेज अपने ऐतिहासिक गौरव को पुनः प्राप्त करते हुए विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में देश के… pic.twitter.com/5UJz6mNrMy
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 28, 2026
हॉस्टल और खेल मैदान की भी बदलेगी तस्वीर
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कॉलेज की आधारभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ पढ़ाई की व्यवस्था मजबूत करना ही काफी नहीं है, बल्कि छात्रों को बेहतर माहौल देना भी जरूरी है। इसी सोच के तहत छात्रावासों को आधुनिक बनाया जाएगा और खेल मैदानों को भी बेहतर सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके लिए जल्द विशेषज्ञों की टीम कॉलेज पहुंचकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
रिसर्च के लिए देशभर के छात्रों को मिलेगा बेहतर मंच
सीएम ने कहा कि पटना साइंस कॉलेज परिसर में बनने वाला यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज सिर्फ बिहार के छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा। यह देशभर के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए विज्ञान और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां विश्वस्तरीय शिक्षा और रिसर्च का माहौल तैयार किया जाएगा, ताकि युवा नई तकनीक और वैज्ञानिक खोजों में अपनी भूमिका निभा सकें।
प्राचार्या ने विकास योजनाओं की दी जानकारी
निरीक्षण के दौरान कॉलेज की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) अलका ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कॉलेज की वर्तमान व्यवस्था, उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य की जरूरतों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इसके बाद अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
पटना कॉलेजिएट स्कूल भी बनेगा मॉडल स्कूल
पटना साइंस कॉलेज के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना कॉलेजिएट स्कूल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक स्कूल को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां छात्रों को आधुनिक शिक्षा, बेहतर संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का माहौल मिलेगा, ताकि यह संस्थान भी अपनी पुरानी प्रतिष्ठा दोबारा हासिल कर सके।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, डीएम कुंदन कुमार, एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा समेत शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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