अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
News Samvad : गर्मियों की चिलचिलाती धूप हो या कमजोर पाचन की समस्या भारतीय रसोई में दही और छाछ दो ऐसे परंपरागत विकल्प हैं, जो सेहत को राहत देने के लिए सदियों से इस्तेमाल किए जाते रहे हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि दोनों में से बेहतर विकल्प कौन-सा है? पाचन के लिहाज़ से क्या दही ज़्यादा फायदेमंद है या फिर छाछ?
दही : पोषक तत्वों से भरपूर और गट हेल्थ का साथी
दूध को फर्मेंट कर तैयार की जाने वाली दही, प्रोबायोटिक बैक्टीरिया जैसे लैक्टोबैसिलस से भरपूर होती है, जो आंतों की सेहत सुधारने में मदद करते हैं। दही प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन B12 का अच्छा स्रोत है।
दही के प्रमुख फायदे :
- पाचन क्रिया को सुधारने में सहायक
- कब्ज और गैस जैसी समस्याओं में राहत
- रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है
- हड्डियों को मज़बूत बनाता है
सावधानी : रात में दही का सेवन कुछ लोगों में सर्दी या बलगम की समस्या बढ़ा सकता है। वहीं, बाजार में मिलने वाला मीठा दही शुगर से भरपूर होता है, जिससे बचना चाहिए।
छाछ: गर्मी और अपच में तुरंत राहत देने वाला उपाय
दही में पानी मिलाकर तैयार की गई छाछ गर्मियों में शरीर को ठंडक देने के लिए एक बेहतरीन पेय है। इसमें कैलोरी और फैट की मात्रा कम होती है, जिससे यह पाचन के लिए हल्की और जल्दी असर करने वाली मानी जाती है।
छाछ के प्रमुख फायदे :
- एसिडिटी और जलन में तुरंत राहत
- शरीर को हाइड्रेट रखती है
- इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपूर मात्रा से मिनरल बैलेंस बनाए रखती है
- लैक्टिक एसिड से पाचन क्रिया होती है दुरुस्त
सावधानी : अगर छाछ में ज्यादा नमक डाला जाए, तो यह हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप पाचन तंत्र को लंबे समय तक मजबूत बनाना चाहते हैं, तो दिन में एक बार दही का सेवन करना लाभकारी होता है। यह न सिर्फ पोषण प्रदान करता है, बल्कि आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या भी बढ़ाता है। वहीं, भारी भोजन के बाद पेट में जलन या गैस हो रही हो, तो एक गिलास छाछ तुरंत राहत देता है और शरीर को ठंडक पहुंचाता है।
डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई जानकारी, सुझाव और सलाह केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से प्रदान की गई है। यह किसी भी प्रकार की पेशेवर चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
इसे भी पढ़ें : ‘भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना…”, लिख पुजारा ने क्रिकेट को कह दिया अलविदा

