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Ranchi : रांची के बहुचर्चित कमल भूषण हत्याकांड में आखिरकार सजा का ऐलान हो गया। तीन साल पुराने इस मामले ने न सिर्फ शहर को हिला दिया था, बल्कि यह रिश्तों की खटास से उपजी दुश्मनी की खौफनाक मिसाल भी बन गया। सोमवार को ए.जे.सी-3 आनंद प्रकाश की अदालत ने तीन दोषियों… राहुल कुजूर, उसके पिता डब्लू कुजूर और काविस अदनान को उम्रकैद की सजा सुनाई। यानी की अब उनकी पूरी उम्र जेल में कटेगी। इसके साथ ही तीनों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यदि जुर्माना नहीं भरा गया तो अतिरिक्त 6-6 माह की सजा काटनी होगी। अधिवक्ता संजय कुमार ने जानकारी दी।
दिनदहाड़े किया था गोलियों से छलनी
30 मई 2022 की दोपहर, पिस्का मोड़ के देवी मंडप रोड पर गैलेक्सिया मॉल के पास अचानक गोलियों की आवाज गूंजी। अपराधियों ने एक फास्ट फूड सेंटर के नजदीक खड़ी कार में बैठे कमल भूषण को निशाना बनाया। कार की पिछली सीट पर बैठे भूषण को हमलावरों ने दोनों ओर से घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। भीड़ ने देखा कि जमीन कारोबारी कमल भूषण सड़क पर गिर पड़े हैं। कुछ ही पलों में पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। उस वक्त कमल भूषण फोन पर बात कर रहे थे और किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह बातचीत उनकी आखिरी होगी।
भागने के लिए छिनी थी स्कूटी
वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर वहां से भाग निकले। फरार होने के दौरान अपराधियों ने रास्ते में एक राशन दुकानदार नीरज सिंह से हथियार के बल पर स्कूटी छीनी और तेजी से भाग निकले। बाद में उन्होंने स्कूटी चौधरी नर्सिंग होम के पास छोड़ दी और पैदल ही हेसल-चटकपुर की ओर निकल गए।
बेटे ने लगाया था बहनोई पर इल्जाम
हत्या की खबर मिलते ही परिजन रिम्स पहुंचे। उस वक्त कमल भूषण के बेटे पवन आर्या ने बताया कि पिता के ड्राइवर ने खुद खुलासा किया है कि वारदात के पीछे उसके बहनोई राहुल कुजूर का हाथ है।
रिश्तों की खटास से दुश्मनी तक
कमल भूषण और डब्लू कुजूर कभी बिजनेस पार्टनर हुआ करते थे। लेकिन रिश्तों में कड़वाहट तब शुरू हुई, जब डब्लू कुजूर के बेटे राहुल ने कमल भूषण की बेटी यामिनी से लव मैरेज कर लिया। यह शादी दोनों परिवारों के बीच खाई बन गई। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप, धमकियां और विवाद का सिलसिला तेज हो गया। हत्या से कुछ महीने पहले सदाबहार चौक के पास कमल भूषण की बेटी और दामाद पर भी फायरिंग हुई थी। उस वक्त यामिनी ने अपने ही पिता पर गोली चलवाने का आरोप लगाया था। दरअसल, पारिवारिक मतभेद इतनी गहराई तक पहुंच गए थे कि सुलह की कोई गुंजाइश नहीं बची थी।
कुख्यात छोटू कुजूर ने ली थी हत्या की जिम्मेदारी
घटना के बाद कुख्यात अपराधी छोटू कुजूर ने हत्या की जिम्मेदारी ली। छोटू, राहुल के पिता डब्लू कुजूर का भाई है। उसने आरोप लगाया था कि कमल भूषण ने पुलिस की मदद से उनके परिवार को परेशान किया था। इसके अलावा उसने भूषण के बिजनेस पार्टनर को भी सबक सिखाने की धमकी दी थी। बेटी यामिनी के अपहरण और विवाह प्रकरण के बाद से ही दोनों परिवारों में तनाव बढ़ता चला गया था। कई बार राहुल, डब्लू और छोटू कुजूर ने भूषण परिवार को जान से मारने की धमकियां दी थीं।
एक साल बाद अकाउंटेंट की हत्या
कमल भूषण की हत्या के लगभग एक साल बाद उनके एकाउंटेंट संजय कुमार सिंह की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। जमीन और कारोबार से जुड़े हिसाब-किताब संभालने वाले संजय पर अपराधियों ने पांच राउंड फायरिंग की। तीन गोलियां—सिर, छाती और जबड़े पर—लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
कोतवाली DSP की देखरेख में काम कर रही थी टीम
इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच रांची पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती थी। कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हर पहलू को जोड़ते हुए ऐसा साक्ष्य जुटाया, जिससे अदालत में अपराधियों की साजिश साबित हो सकी। अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास के साथ 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर उन्हें छह-छह महीने अतिरिक्त जेल में रहना होगा। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में सुशीला कुजूर और सरकारी गवाह मुनव्वर अफाक को बरी कर दिया गया।
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