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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ की सुबह आम दिनों की तरह ही थी, लेकिन समाहरणालय सभागार का माहौल कुछ अलग था। बाहर हलचल कम थी, पर अंदर जिले के खनन हालात पर बड़ी चर्चा हो रही थी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे डीसी मनीष कुमार और एसपी निधि द्विवेदी। इनकी आवाज में साफ झलक रहा था कि इस बार प्रशासन अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
राजस्व बढ़ा, लेकिन चुनौतियां जस की तस
बैठक की शुरुआत जिला खनन पदाधिकारी की रिपोर्ट से हुई। उन्होंने बताया कि कोयले से मिलने वाला राजस्व बढ़ा है। यह अच्छी खबर थी, लेकिन साथ ही इस बात का संकेत भी कि खनन की गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे अवैध गतिविधियों के लिए भी जगह बनती है। डीसी ने रिपोर्ट को ध्यान से सुना और तुरंत साफ कर दिया कि बढ़ते राजस्व के साथ-साथ नियंत्रण भी बढ़ना चाहिए।
ईंट-भट्ठों की जांच को लेकर सख्त निर्देश
जैसे ही चर्चा ईंट-भट्ठों की तरफ मुड़ी, डीसी का लहजा और सख्त हो गया। उन्होंने कहा कि जिले के सभी ईंट-भट्ठों का निरीक्षण तुरंत पूरा किया जाए। किसी चेकपोस्ट पर ड्यूटी में लापरवाही दिखाई देती है तो कार्रवाई तय है। उनकी बातों से साफ था कि इस बार सिर्फ निर्देश नहीं, बल्कि जमीन पर उसका प्रभाव भी दिखेगा।
कोयला, बालू और पत्थर वाले वाहन अब रडार पर
बैठक में बैठे थाना प्रभारी और अंचल अधिकारी जानते थे कि उनकी जिम्मेदारी अब और बढ़ गई है। डीसी ने निर्देश दिया कि टास्क फोर्स की संयुक्त टीमें दिन-रात निगरानी रखें। जिले की सड़कों पर दौड़ते कोयला और बालू से लदे ट्रक प्रशासन की नजर से बच नहीं पाएंगे। हर वाहन की जांच होगी, और कोई भी संदिग्ध दस्तावेज या गतिविधि पकड़ी जाने पर दंडात्मक कार्रवाई तय है।
समन्वय से ही टूटेगी अवैध खनन की जड़
प्रशासन ने इस बार सभी विभागों को एक ही टीम की तरह चलने को कहा। खनन, पुलिस, परिवहन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग को जानकारी साझा करने, संयुक्त छापेमारी चलाने और एक दूसरे के काम में सहयोग बढ़ाने की हिदायत दी गई। डीसी ने साफ कहा कि खनिज संपदा की सुरक्षा सिर्फ एक विभाग का काम नहीं, यह प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।

खनन माफियाओं पर कड़ी नजर
चर्चा का सबसे गंभीर हिस्सा वही था जो वर्षों से पृष्ठभूमि में दबा रहता है… खनन माफिया। डीसी ने स्पष्ट किया कि जिले में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं। अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया कि अपने क्षेत्रों में ऐसे लोगों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई करें। उनकी बातों में दृढ़ता थी, जो बताती थी कि इस बार पशोपेश की गुंजाइश नहीं।
एसपी ने बढ़ाई चेकनाकों पर सख्ती
बैठक के अंत में एसपी निधि द्विवेदी ने तमाम थानेदारों से कहा कि हर चेकनाका का रोजाना औचक निरीक्षण किया जाए। उनकी नजर उन ट्रकों पर है जिनमें कोयला, बालू और पत्थर भरकर रात के अंधेरे में आवाजाही होती है। उन्होंने साफ कहा कि अवैध परिवहन को रोकना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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