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News Samvad : देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की परिचालन सेवाओं में आई गड़बड़ियों के चलते पिछले कई दिनों से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उड़ानों के रद्द होने और देरी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकार का हाई-लेवल इनक्वायरी का निर्णय
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि इंडिगो के सिस्टम में क्या गड़बड़ी हुई, किसकी जिम्मेदारी है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए विस्तृत जांच की जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि जहां भी जवाबदेही तय करनी होगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
24×7 कंट्रोल रूम स्थापित, यात्रियों को मिलेगी मदद
यात्रियों की परेशानी को कम करने के लिए सरकार ने 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है। यह वास्तविक समय में उड़ान संचालन की निगरानी करेगा और तुरंत सुधारात्मक कदम उठाएगा। इसका उद्देश्य प्रभावित हवाई अड्डों पर सामान्य संचालन जल्द बहाल करना है।
FDTL नियमों पर राहत, DGCA ने आदेश स्थगित किया
विवाद के केंद्र में रहे फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को DGCA ने तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। सरकार ने कहा कि यात्रियों के हित में उठाया गया यह कदम एयर सेफ्टी से समझौता किए बिना लागू किया गया है।
नए FDTL नियमों में पायलटों के आराम के घंटे बढ़ाए गए थे, रात में काम करने की समयसीमा बढ़ाई गई थी, और नाइट लैंडिंग की सीमा छह से घटाकर दो कर दी गई थी। इन बदलावों के कारण एयरलाइंस को अधिक पायलटों की जरूरत पड़ रही थी, जिससे परिचालन प्रभावित हुआ।
नियम क्यों बने मुद्दा और क्यों हैं जरूरी?
पायलट थकान वैश्विक एविएशन सेक्टर की बड़ी चुनौती है। भारत के नए नियम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं और सुरक्षा बढ़ाने के लिए लागू किए गए थे। लेकिन इनका त्वरित प्रभाव एयरलाइन संचालन पर पड़ा, जिसके चलते देरी और उड़ान रद्द होने की घटनाएँ बढ़ीं और यह विवाद सुर्खियों में आ गया।
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