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Palamu : पलामू के हुटुकदाग गांव में एक मां अपने बीमार बच्चे का माथा छूते हुए बार-बार यही सोच रही थी कि आखिर उसे ठीक कैसे किया जाए। पति काम की तलाश में महीनों से बाहर रहता है, घर में मदद करने वाला कोई नहीं। ऐसे में बच्चे की छोटी-सी बीमारी भी उसके लिए बड़ी चिंता बन जाती है। उसी चिंता में वह पास के क्लिनिक तक पहुंची। उसे लगा कि यहां आने से बच्चा ठीक हो जाएगा। उसे यह अंदाजा भी नहीं था कि भरोसे के नाम पर उसके साथ ऐसा कुछ होने वाला है जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगी।
इलाज के भरोसे में छिपी हवस की वारदात
क्लिनिक में मौजूद संजय कुमार ने बच्चे को सर्दी बताया और कहा कि भांप देने से सुधार हो जाएगा। उसने महिला को समझाया कि बच्चे को आराम के लिए वह पास वाले कमरे में चले। एक मां के लिए बच्चे की तबीयत सबसे बड़ी बात होती है। वह बिना किसी शक के उसके साथ चली गई। लेकिन जो होना चाहिए था, वह नहीं हुआ। कमरे के अंदर भरोसा टूट गया। उसी जगह जहां से उसे मदद की उम्मीद थी, वहीं उसकी आबरू पर हमला किया गया। इल्जाम है कि संजय कुमार ने बच्चे की मां के साथ दरिंदगी की। महिला ने बाद में बताया कि उसने खुद को रोकने की कोशिश की, पर उसकी आवाज कोई नहीं सुन सका।
चुप रह जाना आसान था, लेकिन उसने हिम्मत की
घटना के बाद उसे धमकी दी गई, पर इस महिला ने चुप रहने से इनकार किया। वह डरी जरूर, लेकिन टूटी नहीं। वह सीधे थाने पहुंची। उसकी आवाज कांप रही थी, आंखें नम थीं, लेकिन उसके शब्द साफ थे। वह न्याय चाहती थी।
पुलिस की तुरंत कार्रवाई में उसे मिला सहारा
शिकायत मिलते ही छतरपुर थाना की टीम हरकत में आ गई। एसपी रीष्मा रमेशन के निर्देश पर आरोपी की तलाश शुरू हुई। कुछ ही घंटों में संजय कुमार को पकड़ लिया गया। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गांव में यह बात फैलते देर नहीं लगी। लोग हैरान भी थे और गुस्से में भी। इलाज के नाम पर की गई इस कायरता ने सबको झकझोर दिया।
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