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Patna : बिहार में जिन प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक पदस्थापित नहीं हैं, वहां अब विद्यालय के वरीय शिक्षक को प्रधान शिक्षक का प्रभार दिया जाएगा। इसी तरह जिन मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक नहीं हैं, वहां वरीय शिक्षक को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया जाएगा।इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सोमवार को भोजपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश जारी किया है।
हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में जारी हुआ निर्देश
शिक्षा विभाग की ओर से यह निर्देश बबन प्रसाद सिंह एवं अन्य बनाम बिहार सरकार एवं अन्य मामले में पारित न्यायादेश के आलोक में दिया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि विद्यालयों का शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य बाधित न हो।
प्रधान शिक्षक के लिए अलग संवर्ग का प्रावधान
निर्णय में बताया गया है कि बिहार प्रारंभिक विद्यालय प्रधान शिक्षक नियमावली, 2024 के तहत प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक का अलग संवर्ग बनाया गया है। इस संवर्ग में नियुक्ति आयोग द्वारा परीक्षा के माध्यम से की जाती है।
पुराने शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने की बाध्यता नहीं
बिहार राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं प्रोन्नति नियमावली, 2018 के अंतर्गत आने वाले शिक्षकों को इस परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य नहीं होगा।ऐसे शिक्षकों के लिए पात्रता और रिक्ति के आधार पर मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति का प्रावधान किया गया है।
वैकल्पिक व्यवस्था से स्कूलों का कामकाज रहेगा सुचारू
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि जिन विद्यालयों में प्रधान शिक्षक या प्रधानाध्यापक पदस्थापित नहीं होंगे, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के तहत वरीय शिक्षक को प्रभारी घोषित किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यालयों का संचालन और प्रशासनिक कार्य बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
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