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Palamu : पंडवा गांव की एक सुबह उस वक्त सन्नाटे में बदल गई, जब एक कुएं से मासूम की लाश मिली। यह कोई आम घटना नहीं थी, बल्कि दो साल के अंकुश राज की कहानी थी, जिसने पूरे गांव को भीतर तक झकझोर दिया। अंकुश घर का इकलौता चिराग था। 1 जनवरी की दोपहर वह रोज की तरह घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। मां रसोई में थी, पिता अपने काम में लगे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह खेल आखिरी होगा। थोड़ी देर बाद जब अंकुश नजर नहीं आया तो घर में बेचैनी शुरू हुई। पहले सोचा गया, शायद किसी पड़ोसी के घर चला गया होगा। लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीतता गया, चिंता गहराती चली गई।
परिवार ने अपने स्तर से हर जगह खोजबीन की। गलियां, खेत, रिश्तेदारों के घर, हर दरवाजा खटखटाया गया। शाम होते-होते पंडवा थाना में बच्चे के लापता होने की सूचना दी गई। तीन दिन तक उम्मीद और डर के बीच परिवार जीता रहा। मां हर आहट पर चौंक जाती थी और पिता हर आने-जाने वाले से एक ही सवाल पूछते थे, “अंकुश दिखा क्या?”
कुएं से मिला शव, गांव में मचा कोहराम
रविवार की सुबह गांव की एक महिला जब घर के पीछे बने पुराने कुएं के पास पहुंची, तो उसने झांककर देखा। कुएं के पानी में कुछ तैरता हुआ नजर आया। पास जाकर देखा तो पैरों तले जमीन खिसक गई। वह अंकुश था। सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकाला गया। पोस्टमार्टम के लिए एमएमसीएच भेजे गए मासूम के शव को देख हर आंख नम थी। मां का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं पिता गुमसुम खड़े सब कुछ खत्म हो जाने का दर्द झेल रहे थे।
उठ रहे कई सवाल
ग्रामीणों के मन में कई सवाल हैं। लोगों का कहना है कि जिस कुएं से शव मिला है, वहां तक एक दो साल का बच्चा खुद कैसे पहुंच सकता है। कुआं घर के पीछे जरूर है, लेकिन वहां तक जाने का रास्ता आसान नहीं है। इसी वजह से गांव में यह चर्चा दबे शब्दों में चल रही है कि पहले बच्चे को गायब किया गया और बाद में उसकी हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया गया।
पंडवा थानेदार अंचित कुमार के अनुसार मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस ने कुएं के पानी का नमूना जांच के लिए लिया है और डायटम टेस्ट कराया जाएगा। फिलहाल हर पहलू से जांच की जा रही है।
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