अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : झारखंड की महिलाओं के लिए इस बार का बजट खास संदेश लेकर आया है। झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह उनका लगातार दूसरा बजट है और पिछले साल के मुकाबले करीब 9 प्रतिशत बड़ा है। सरकार ने इसे ‘अबुआ दिशोम’ यानी अपने राज्य के समग्र विकास का बजट बताया है। इस बार की सबसे बड़ी बात यह रही कि महिलाओं को सीधा फायदा पहुंचाने वाली योजनाओं पर खुलकर खर्च का ऐलान हुआ है।
मंईयां सम्मान योजना पर बड़ा दांव
सरकार ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए 14,065.57 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत 18 से 50 साल की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये दिए जाएंगे। गांव की गृहिणी हो या शहर की कामकाजी महिला, इस रकम से घर के छोटे बड़े खर्च में सहारा मिलेगा। कई परिवारों में यह राशि बच्चों की पढ़ाई, दवा या राशन के काम आ सकती है। सरकार का मानना है कि महिलाओं के हाथ में पैसा जाने से परिवार की हालत मजबूत होती है।
महिला किसान और सखी मंडलों पर भी ध्यान
बजट में सिर्फ नगद सहायता ही नहीं, बल्कि महिलाओं को रोजगार और स्वावलंबन से जोड़ने की कोशिश भी दिखी। महिला किसान खुशहाली योजना के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसका मकसद खेती से जुड़ी महिलाओं को सीधी मदद देना है ताकि वे अपनी आमदनी बढ़ा सकें। वहीं सखी मंडलों के उत्पादों को बाजार दिलाने के लिए “पलाश” ब्रांड पर 66 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई है। इससे ग्रामीण इलाकों में काम कर रही महिलाओं के समूहों को पहचान और बाजार दोनों मिलेंगे।
जेंडर बजट 34 हजार करोड़ से ज्यादा
सरकार ने इस बार कुल जेंडर बजट 34,211.27 करोड़ रुपये रखा है। इसमें महिलाओं के साथ साथ थर्ड जेंडर समुदाय को भी ध्यान में रखा गया है। सरकार का कहना है कि आर्थिक रूप से मजबूत समाज के लिए जरूरी है कि आधी आबादी और हाशिये पर खड़े समुदायों को सीधा सहारा मिले।
राजनीति से आगे, सीधा असर घर तक
बजट पर राजनीतिक बयानबाजी अपनी जगह है, लेकिन जमीनी असर इस बात से तय होगा कि योजनाएं कितनी ईमानदारी से लागू होती हैं। अगर तय समय पर राशि खाते में पहुंची और योजनाएं सही तरीके से चलीं, तो यह बजट कई परिवारों की जिंदगी में फर्क ला सकता है। फिलहाल इतना साफ है कि इस बार का बजट महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। अब नजर इस पर रहेगी कि इसका फायदा गांव और शहर की महिलाओं तक कितनी तेजी से पहुंचता है।
इसे भी पढ़ें : ‘अबुआ दिशोम’ बजट पर मंत्री शिल्पी बोलीं- किसानों और महिलाओं को मिलेगी नई ताकत

