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Ranchi : रांची शहर की भीड़-भाड़ में सामान्य दिखने वाली डाक सेवा के पीछे छिपा एक खतरनाक खेल सामने आया है। 25 साल का एक जवान लड़का, जो बाहर से आम जिंदगी जीता दिखता था, अंदर ही अंदर नशे के कारोबार का हिस्सा बन चुका था। वह स्पीड पोस्ट के जरिए चरस मंगवाता और फिर रांची की गलियों में इसे ऊंचे दाम पर बेचता था। यह खुलासा तब हुआ, जब रांची पुलिस कप्तान राकेश रंजन को 17 मार्च की शाम एक गुप्त सूचना मिली। सूचना मामूली नहीं थी। बताया गया कि पंडरा ओपी क्षेत्र के जतरा मैदान में डाक के जरिए “मौत के सामान” की डिलीवरी होने वाली है। एसएसपी राकेश रंजन ने सिटी एसपी पारस राणा की नेतृत्व में टीम बनाई और आगे का टास्क कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय को सौंप दिया। डीएसपी प्रकाश सोय ने बिना समय गंवाए जाल बिछाया। शहर के बीचों-बीच स्थित जतरा मैदान के आसपास सादे लिबास में पुलिसकर्मी तैनात हो गए। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही थी। माहौल सामान्य था, लेकिन पुलिस की नजरें किसी खास शख्स की तलाश में थीं।
भागने लगा, लेकिन बच नहीं पाया
रात करीब 8:25 बजे एक युवक वहां पहुंचा। वह इधर-उधर देखने लगा, जैसे किसी चीज का इंतजार कर रहा हो। तभी उसकी नजर पुलिस पर पड़ी और वह घबरा गया। अगले ही पल उसने भागने की कोशिश की, लेकिन मौके पर पमौजूद डीएसपी सोय की टीम पहले से तैयार थी। कुछ ही सेकंड में उसे घेरकर पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम लाल वेदान्त नाथ शाहदेव (25) बताया। उसके चेहरे पर डर साफ नजर आ रहा था।
जेब से निकला ‘सफेद लिफाफा’, खुला बड़ा राज
जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो पैंट की जेब से एक आसमानी रंग का लिफाफा मिला। देखने में यह एक सामान्य डाक लिफाफा था, लेकिन जैसे ही इसे खोला गया, अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। कागज में लिपटा 10.92 ग्राम चरस बरामद हुआ। साथ ही “Cali Honey” लिखा एक इनहेलर भी मिला। एक साधारण लिफाफे में छिपा यह नशा, शहर में फैल रहे एक बड़े खतरे की कहानी बयां कर रहा था। युवाओं के रगों में धीमा जहर भर कर मौत की आगोश में सुलाने की पूरी तैयारी थी।
“स्पीड पोस्ट से मंगवाता था…” -आरोपी का कबूलनामा
पहले तो युवक पुलिस को गोलमटोल जवाब देता रहा। लेकिन जब डीएसपी प्रकाश सोय में अपने स्टाइल से पूछताछ शुरू की तो वह टूट गया। उसने कबूल किया कि वह फर्जी नाम और पते का इस्तेमाल कर स्पीड पोस्ट के जरिए चरस मंगवाता था। डाक के जरिए आने वाली इन पार्सलों पर किसी को शक नहीं होता था। पार्सल मिलते ही वह इसे शहर के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करता और मोटी कमाई करता था। एक तरह से, उसने डाक सेवा को ही नशे के कारोबार का जरिया बना लिया था।
2 लाख की चरस, महंगे मोबाइल भी बरामद
पुलिस ने उसके पास से करीब 2 लाख रुपए कीमत की चरस, एक इनहेलर और दो मोबाइल फोन जब्त किये हैं। जब्त मोबाइल फोन में एक एंड्रॉयड ओपो और एक आईफोन 15 प्रो मैक्स शामिल है। इन मोबाइलों के जरिए ही वह अपने नेटवर्क से संपर्क में रहता था।
पहले भी फंस चुका है, नहीं छोड़ा अपराध का रास्ता
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी एनडीपीएस एक्ट के मामले में पकड़ा जा चुका है। इसके बावजूद उसने अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा और और अधिक सुनियोजित तरीके से इस धंधे में जुड़ गया।
पुलिस अब नेटवर्क खंगालने में जुटी
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और चरस की सप्लाई कहां से हो रही थी। इस नेटवर्क का खुलासा करने में कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय, पंडरा ओपी प्रभारी फैज रब्बानी, एसआई सहावीर उरांव, बंजरग टोप्पो और चंदन कुमार पांडेय की भूमिका सराहनीय रही।
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