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News Samvad : दुनिया भर में हर साल करीब 50 लाख से ज्यादा लोग सांप के काटने का शिकार होते हैं. इनमें से लाखों लोगों पर जहर का असर होता है और हजारों की जान चली जाती है.
भारत की बात करें तो यहां स्थिति और भी गंभीर है. हर साल लाखों लोग सांप के काटने का शिकार होते हैं और लगभग 50 से 60 हजार लोगों की मौत हो जाती है.
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग, किसान और बच्चे इस खतरे से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं.
WHO ने उठाया बड़ा कदम
इस समस्या को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने एक बड़ा कदम उठाया है.
27 फरवरी 2026 को WHO ने सांप के जहर के इलाज के लिए नए टारगेट प्रोडक्ट प्रोफाइल्स (TPPs) जारी किए हैं.
इसका मकसद है कि भविष्य में बनने वाली दवाएं ज्यादा असरदार, सुरक्षित और सस्ती हों.
क्या होते हैं TPPs
TPPs को आसान भाषा में समझें तो यह एक तरह की गाइडलाइन होती है.
यह बताती है कि जो नई दवाएं बनेंगी, उनमें कौन सी खूबियां होनी चाहिए. जैसे
दवा कितनी जल्दी असर करे
कितनी सुरक्षित हो
कितनी किफायती हो
किन मरीजों के लिए काम करे
इससे वैज्ञानिकों और कंपनियों को सही दिशा मिलती है.
पुराने इलाज में क्या दिक्कत है
अभी सांप के काटने का इलाज एंटीवेनम से किया जाता है.
लेकिन इसकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह हर तरह के जहर पर पूरी तरह असर नहीं करता.
सांप के जहर में 200 से ज्यादा टॉक्सिन होते हैं और एंटीवेनम कुछ ही टॉक्सिन पर असर करता है.
इसी वजह से कई मरीजों को इलाज के बाद भी गंभीर समस्याएं झेलनी पड़ती हैं.
शरीर पर पड़ता है गंभीर असर
सांप के काटने से सिर्फ जान का खतरा ही नहीं होता, बल्कि कई तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं.
जैसे
किडनी फेल होना
नसों को नुकसान
मांसपेशियों का खराब होना
शरीर के हिस्सों में सड़न
कई मामलों में मरीजों का अंग काटना भी पड़ जाता है.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में यह समस्या बहुत बड़ी है.
हर साल लाखों लोग सांप के काटने का शिकार होते हैं और हजारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं.
कई मरीजों को इलाज के बाद भी लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ता है.
गरीब और ग्रामीण लोग सबसे ज्यादा प्रभावित
सांप के काटने का सबसे ज्यादा असर गरीब और गांव में रहने वाले लोगों पर पड़ता है.
खेतों में काम करने वाले मजदूर, छोटे बच्चे और ग्रामीण परिवार ज्यादा जोखिम में रहते हैं.
अस्पताल दूर होने और सही इलाज देर से मिलने के कारण हालत और खराब हो जाती है.
नए इलाज से क्या होगा फायदा
WHO के नए TPPs से उम्मीद है कि इलाज पहले से बेहतर होगा.
अब ऐसे इलाज पर काम होगा जो
जहर के अलग अलग असर को रोक सके
किडनी जैसी समस्याओं को कम करे
घाव जल्दी ठीक करे
इससे मरीज जल्दी ठीक हो सकते हैं और विकलांगता का खतरा भी कम होगा.
भारत के सबसे खतरनाक चार सांप
भारत में कुछ सांप ऐसे हैं जिनके काटने से सबसे ज्यादा मौतें होती हैं. इन्हें बिग फोर कहा जाता है
रसेल वाइपर
भारतीय कोबरा
कॉमन करैत
सॉ स्केल्ड वाइपर
इन्हीं के जहर के खिलाफ ज्यादातर एंटीवेनम बनाया जाता है.
आगे क्या उम्मीद
अगर नए इलाज सफल होते हैं, तो आने वाले समय में सांप के काटने से होने वाली मौतों और विकलांगता में बड़ी कमी आ सकती है.
यह खासकर भारत जैसे देशों के लिए बहुत बड़ी राहत साबित हो सकती है.
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