अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार की सियासत में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आखिर सीएम की कुर्सी कब छोड़ेंगे। वजह साफ है—वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं और अब उनकी राजनीति का अगला पड़ाव दिल्ली माना जा रहा है। ऐसे में सत्ता परिवर्तन की चर्चा तेज है। हालांकि, अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। इसी बीच जेडीयू नेता और बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार के बयान ने इस बहस को और हवा दे दी है।
नीतीश कुमार अभी भी सीएम, लेकिन आगे क्या?
श्रवण कुमार ने साफ कहा कि फिलहाल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश Kumar ही हैं। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद भी अभी उनका शपथ ग्रहण बाकी है, जो 9 अप्रैल के बाद होगा। ऐसे में अभी तुरंत किसी बदलाव की बात करना जल्दबाजी होगी।
मंत्री ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि राज्यसभा सदस्य बनने के बाद नीतीश कुमार को विधान परिषद की सदस्यता छोड़नी पड़ेगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें उसी समय मुख्यमंत्री पद भी छोड़ना ही पड़ेगा। संविधान में व्यवस्था है कि कोई व्यक्ति बिना किसी सदन का सदस्य रहे भी छह महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बना रह सकता है।
उनके शब्दों में, “9 अप्रैल के बाद ही राज्यसभा सदस्य के रूप में नीतीश कुमार जी के शपथ ग्रहण की तिथि आएगी। 15 दिन के अंदर उनको विधान परिषद से इस्तीफा देना है, लेकिन छह महीने तक सरकार का मुखिया रह सकते हैं। ये संविधान में प्रावधान है।”
इस्तीफे की तारीख पर सस्पेंस बरकरार
यही बयान अब नई राजनीतिक चर्चा का कारण बन गया है। अब तक माना जा रहा था कि राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार अगले महीने किसी भी समय मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। लेकिन श्रवण कुमार के बयान से संकेत मिला है कि सत्ता हस्तांतरण में थोड़ी देर भी हो सकती है।
यानी, राज्यसभा पहुंचना तय है, लेकिन सीएम पद छोड़ने की टाइमिंग अभी पूरी तरह तय नहीं मानी जा रही। इसी वजह से बिहार की राजनीति में सस्पेंस बना हुआ है।
9 अप्रैल के बाद ही शुरू होगी अगले सीएम पर चर्चा
श्रवण कुमार ने यह भी साफ कर दिया कि बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर अभी कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि 9 अप्रैल के बाद ही इस मुद्दे पर बातचीत आगे बढ़ेगी।
उनके मुताबिक, नया मुख्यमंत्री कौन होगा, यह फैसला जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेता मिल बैठकर करेंगे। यानी गेंद फिलहाल एनडीए के बड़े नेताओं के पाले में है और अंतिम मुहर वही लगाएंगे।
सम्राट चौधरी के नाम पर क्या बोले श्रवण कुमार?
बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। राजनीतिक गलियारों से लेकर टीवी डिबेट तक, उन्हें संभावित अगले मुख्यमंत्री के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन इस सवाल पर श्रवण कुमार ने सीधे तौर पर हामी नहीं भरी।
उन्होंने कहा, “जो आप सुन रहे हैं, वो हम भी सुन रहे हैं। जो बातें अखबार या टेलीविजन पर आती हैं, उसमें सच्चाई कम होती है। 9 तारीख के बाद ही फैसला होगा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। एनडीए के शीर्ष नेता इस पर अंतिम फैसला लेंगे।”
इस बयान से इतना जरूर साफ है कि सम्राट चौधरी का नाम चर्चा में है, लेकिन अभी पार्टी स्तर पर कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है।
क्या जेडीयू से ही आएगा अगला मुख्यमंत्री?
इस पूरे घटनाक्रम के बीच जेडीयू की ओर से भी एक अलग सुर सुनाई दिया है। नालंदा से जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि उनके नेता नीतीश कुमार हैं और उनका जो भी फैसला होगा, पार्टी उसे मानेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले से बिहार के लोग भावुक हैं। साथ ही, सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर उन्होंने इशारों-इशारों में संकेत दिया कि तस्वीर सिर्फ भाजपा तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि जेडीयू का भी मुख्यमंत्री हो सकता है।
यही बयान अब नई अटकलों को जन्म दे रहा है। यानी यह मुकाबला सिर्फ भाजपा बनाम भाजपा के चेहरे का नहीं, बल्कि जेडीयू भी अपनी दावेदारी बनाए रख सकती है।
बिहार में बढ़ी राजनीतिक हलचल
नीतीश कुमार के दिल्ली जाने की चर्चा के साथ ही बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्ता का अगला चेहरा कौन होगा, इस पर अभी धुंध बनी हुई है। भाजपा की तरफ से सम्राट चौधरी का नाम चर्चा में है, वहीं जेडीयू भी अपना दावा कमजोर नहीं पड़ने देना चाहती।
कुल मिलाकर, बिहार को नया मुख्यमंत्री कब मिलेगा और कौन होगा, इसका जवाब अभी 9 अप्रैल के बाद ही सामने आने की उम्मीद है। तब तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने रहेंगे और राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी रहेगा।
इसे भी पढ़ें : बिहार दिवस पर ‘शक्ति उत्सव’, 250 समाजसेवियों को सम्मान

