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राजधानी रांची की एक व्यस्त सड़क, शाम का वक्त और रोजमर्रा की चहल-पहल। इसी बीच बीते सात अप्रैल को हरिहर सिंह रोड पर स्थित प्रीति ज्वेलर्स में अचानक सब कुछ बदल गया। घड़ी में करीब 6:45 बज रहे थे, जब तीन बदमाशों ने कुछ ही मिनटों में लूट की ऐसी वारदात को अंजाम दिया, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती… असली ट्विस्ट इसके बाद आता है।
डिलीवरी बॉय से बने लुटेरे
पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, वो चौंकाने वाला था। जिन तीन आरोपियों आशुतोष कुमार, महेश कुमार वर्मा और मो. सिराज अंसारी उर्फ शेरू को पकड़ा गया… इनमें से दो डिलीवरी बॉय का काम करते थे। डिलीवरी के बहाने ये इलाके में आते-जाते रहे, दुकानों की गतिविधियां समझीं, टाइमिंग नोट की… और फिर पूरी प्लानिंग के साथ लूट की स्क्रिप्ट लिख डाली। यानी, जिन रास्तों पर ये रोज सामान पहुंचाते थे, वहीं उन्होंने अपराध का रास्ता भी तलाश लिया।
वारदात के बाद पुलिस की फुर्ती
जैसे ही लूट की खबर फैली, मामला सीधे रांची एसएसपी राकेश रंजन तक पहुंचा। उन्होंने तुरंत सिटी एसपी पारस राणा को एक्शन में लगाया। बस फिर क्या था… एक स्पेशल टीम बनी और शुरू हो गया ऑपरेशन “ट्रेस एंड कैच”।
टेक्नोलॉजी + छापेमारी = सफलता
सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने टेक्निकल सेल की मदद ली। मोबाइल लोकेशन, नेटवर्क ट्रैकिंग और लगातार छापेमारी। कुछ ही घंटों में तीनों आरोपी पुलिस के शिकंजे में थे। जब पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार किया, तो उनके पास से जो बरामद हुआ, वो पूरी कहानी खुद बयां कर रहा था। लूटे गए सोना-चांदी के गहने, दो बाइक… TVS राइडर और पल्सर, पांच मोबाइल फोन, एक देशी पिस्टल, दो मैगजीन और चार जिंदा गोलियां… यानी, तैयारी पूरी प्रोफेशनल थी।
पुराने खिलाड़ी निकले तीनों
जांच में यह भी सामने आया कि ये कोई पहली बार अपराध नहीं कर रहे थे। आशुतोष कुमार (गिरीडीह) पर पहले से कई केस दर्ज हैं। सिराज अंसारी (गिरीडीह) 2023 में जेल जा चुका है। महेश वर्मा (जमुई, बिहार) 2021 में चोरी के मामले में छह महीने जेल में रहा। यानी, तीनों पहले से अपराध की दुनिया के खिलाड़ी थे।
सराहनीय रही इनकी भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में सदर डीएसपी संजीव बेसरा, डीएसपी सह बरियातू थानेदार मनोज कुमार, सदर थानेदार कुलदीप कुमार, एसआई भानु कुमार भारती, अक्षय कुमार, शिव नारायण तिवारी, विश्वजीत कुमार, दिवाकर मिश्रा, प्रिंस कमार मिश्रा और जमील अंसारी की भूमिका सराहनीय रही।
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