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Ranchi : संविधान निर्माता बाबा साहेब यानी डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर राजधानी रांची में श्रद्धा और सम्मान का माहौल देखने को मिला। गवर्नर संतोष कुमार गंगवार और सीएम हेमंत सोरेन ने डोरंडा स्थित अंबेडकर चौक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अंबेडकर चौक पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। अलग अलग संगठनों और आम नागरिकों ने भी बाबा साहेब की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उन्हें नमन किया। पूरा इलाका जय भीम के नारों से गूंजता रहा और लोगों ने उनके विचारों को याद किया।
सीएम बोले- अंबेडकर का योगदान हमेशा याद रहेगा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अंबेडकर जयंती सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि देश के लिए गर्व का मौका है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने जो संविधान दिया, उसी की वजह से आज भारत एक मजबूत लोकतांत्रिक देश बन पाया है। सीएम ने यह भी कहा कि डॉ. अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए समर्पित किया। उनके विचार आज भी हमें सही दिशा दिखाते हैं और समाज को बेहतर बनाने की प्रेरणा देते हैं।
राज्यपाल ने बताया क्यों खास है अंबेडकर का योगदान
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि बाबा साहेब सिर्फ संविधान के निर्माता ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने देश को समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे की मजबूत नींव दी। उन्होंने कहा कि संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में उनका काम आज भी देश को दिशा दे रहा है। इसी वजह से भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बन सका है।
संघर्ष और शिक्षा से बदली तस्वीर
राज्यपाल ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन हर किसी के लिए प्रेरणा है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा हासिल की और समाज में फैले भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा ही समाज में बदलाव लाने का सबसे बड़ा माध्यम है और बाबा साहेब ने इसे अपने जीवन से साबित किया।
सिर्फ याद नहीं, उनके रास्ते पर चलने की जरूरत
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने कहा कि आज जरूरत है कि हम सिर्फ अंबेडकर को याद न करें, बल्कि उनके बताए रास्ते पर भी चलें। एक मजबूत और बराबरी वाला समाज बनाने में हर किसी की भागीदारी जरूरी है। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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