Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Saturday, 7 November, 2026 • 01:54 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » लाइव केस, विशेषज्ञों के लेक्चर और शानदार आतिथ्य… डॉ जयंत घोष ने सराहा आयोजन
झारखंड

लाइव केस, विशेषज्ञों के लेक्चर और शानदार आतिथ्य… डॉ जयंत घोष ने सराहा आयोजन

April 19, 2026No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto
IPRD_ERO_000293/26-27

auto

Ranchi : कभी-कभी कुछ आयोजन सिर्फ कार्यक्रम नहीं होते, वे चिकित्सा जगत के लिए प्रेरणा बन जाते हैं। ऐसे ही एक मेडिकल इवेंट को लेकर रांची के जाने-माने गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. जयंत घोष ने अपनी भावनाएं साझा कीं और इसे एक “अद्भुत अनुभव” बताया। डॉ. जयंत घोष ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम न केवल बेहद सुंदर तरीके से आयोजित किया गया, बल्कि इसमें सीखने और अनुभव साझा करने का अवसर भी भरपूर मिला। उन्होंने आयोजनकर्ताओं डॉ. रंधीर सूद और डॉ. सुक्रित सूद को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसा मंच तैयार किया, जहां देशभर के विशेषज्ञ डॉक्टर एक साथ आए और चिकित्सा ज्ञान को और मजबूत किया।

“फैकल्टी बनने का मौका मिलना मेरे लिए सम्मान की बात”

डॉ. जयंत घोष ने कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम में फैकल्टी के रूप में आमंत्रित किया गया, जो उनके लिए सम्मान की बात रही। उन्होंने बताया कि मेडिकल क्षेत्र में लगातार नई तकनीकें और उपचार पद्धतियां सामने आ रही हैं। ऐसे में इस तरह के आयोजन डॉक्टरों के लिए जरूरी हो जाते हैं, क्योंकि यहां केवल किताबों का ज्ञान नहीं, बल्कि वास्तविक अनुभव और केस स्टडी के जरिए सीखने का मौका मिलता है।

जब लाइव केस बने सीखने का सबसे बड़ा माध्यम

डॉ. घोष ने विशेष रूप से लाइव केस प्रेजेंटेशन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में दिखाए गए लाइव केस बेहद उत्कृष्ट थे और इनसे चिकित्सा जगत को वास्तविक परिस्थितियों में मरीजों के इलाज की आधुनिक प्रक्रिया समझने में मदद मिली। उन्होंने कहा, “लाइव केस देखना डॉक्टरों के लिए सबसे बड़ा सीखने का माध्यम होता है। इसमें हर कदम पर निर्णय, सावधानी और अनुभव की झलक मिलती है।” उनके अनुसार, इस तरह की प्रस्तुतियां डॉक्टरों को न केवल तकनीकी रूप से मजबूत बनाती हैं, बल्कि मरीजों की जटिल समस्याओं को समझने का नजरिया भी विकसित करती हैं।

वरिष्ठ विशेषज्ञों से सीखने का दुर्लभ अवसर

डॉ. जयंत घोष ने कहा कि इस कार्यक्रम में देश के कई अनुभवी और प्रतिष्ठित डॉक्टरों ने भाग लिया, जिन्हें उन्होंने “स्टॉलवर्ट्स” यानी चिकित्सा जगत के स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ डॉक्टरों के अनुभव सुनना और उनके विचारों से सीखना हर युवा डॉक्टर और विशेषज्ञ के लिए एक प्रेरक अवसर होता है। उन्होंने कहा कि उनकी बातें सिर्फ ज्ञान नहीं देतीं, बल्कि डॉक्टर के भीतर सेवा और समर्पण की भावना को भी मजबूत करती हैं।

लेक्चर नहीं, अनुभवों की पाठशाला

डॉ. जयंत घोष ने कार्यक्रम में आयोजित लेक्चर्स को भी बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ औपचारिक भाषण नहीं थे, बल्कि चिकित्सा के बदलते दौर में नई चुनौतियों और आधुनिक समाधान पर आधारित थे। विशेषज्ञों ने इलाज के साथ-साथ मरीजों की देखभाल, सही डायग्नोसिस, आधुनिक उपकरणों और नई तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की।

अच्छी व्यवस्था और गर्मजोशी भरा आतिथ्य

किसी भी बड़े आयोजन की सफलता केवल मंच पर नहीं, बल्कि उसके प्रबंधन और व्यवहार में भी दिखाई देती है। डॉ. जयंत घोष ने कार्यक्रम की अत्यंत उत्कृष्ट हॉस्पिटैलिटी यानी आतिथ्य व्यवस्था की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आयोजकों ने हर अतिथि और प्रतिभागी का ध्यान रखा। ठहरने से लेकर भोजन और कार्यक्रम संचालन तक, हर व्यवस्था सुव्यवस्थित और शानदार रही। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था प्रतिभागियों के मन में सम्मान और अपनापन भर देती है।

मेडिकल समाज के लिए प्रेरणादायक पहल

डॉ. जयंत घोष का मानना है कि ऐसे आयोजन डॉक्टरों के बीच सहयोग और ज्ञान साझा करने की संस्कृति को मजबूत करते हैं। यह केवल डॉक्टरों की बैठक नहीं होती, बल्कि यह एक ऐसा मंच होता है जो अंततः मरीजों को बेहतर इलाज दिलाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि जब डॉक्टर नई तकनीकें सीखते हैं और अनुभवी विशेषज्ञों के अनुभव से मार्गदर्शन लेते हैं, तो इसका सबसे बड़ा लाभ समाज और मरीजों को मिलता है।

“ऐसे कार्यक्रम चिकित्सा सेवा को और बेहतर बनाएंगे”

डॉ. जयंत घोष ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती। उन्होंने आयोजकों को धन्यवाद देते हुए कहा, “यह मेरे लिए एक शानदार और यादगार अनुभव रहा। इस आयोजन ने मुझे बहुत कुछ नया सीखने का अवसर दिया।”

इसे भी पढ़ें : रांची में EUS तकनीक की नई शुरुआत, मशहूर डॉ. जयंत घोष बने बदलाव की पहचान

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleअगर आपको हैं ये बीमारियां, तो भूलकर भी न पिएं गन्ने का जूस
Next Article खेल में करियर बनाने वालों के लिए बड़ा मौका, जानें पूरी वैकेंसी डिटेल

Related Posts

राशिफल

राशिफल @ 07 नवंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

November 7, 2026
बिहार

हवा में झूलते शीशे पर अब चलेंगे नन्हे कदम, राजगीर ग्लास ब्रिज पर लगी रोक हटी

November 6, 2026
बिहार

सीएम सम्राट ने मंत्री कुमार शैलेंद्र के पिता को दी श्रद्धांजलि, परिजनों का बंधाया ढांढस

November 6, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

राशिफल @ 07 नवंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

November 7, 2026

हवा में झूलते शीशे पर अब चलेंगे नन्हे कदम, राजगीर ग्लास ब्रिज पर लगी रोक हटी

November 6, 2026

सीएम सम्राट ने मंत्री कुमार शैलेंद्र के पिता को दी श्रद्धांजलि, परिजनों का बंधाया ढांढस

November 6, 2026

पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में लाएं तेजी, ठेकेदारों की तय हो जवाबदेही : सीएम सम्राट

November 6, 2026

बॉर्डर से लेकर पंचायत तक महातैयारी, छठ पर घर लौटने वालों का कुछ ऐसे स्वागत करेगा बिहार

November 6, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.