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Patna : दीपावली बीतते ही बिहार की हवा में एक अलग सी महक घुलने लगती है। ट्रेनों में तिल धरने की जगह नहीं होती, लेकिन सफर कर रहे हर चेहरे पर घर पहुंचने की एक अनोखी चमक दिखती है। यह चमक है लोक आस्था के महापर्व छठ की। इस बार छठ पर अपने घर लौट रहे लाखों प्रवासियों और श्रद्धालुओं के लिए सरकार ने भी खास तैयारी की है। बिहार में कदम रखते ही उन्हें महसूस होगा कि उनकी अपनी माटी उनका बांहें फैलाकर इंतजार कर रही है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक में फैसला हुआ है कि 10 नवंबर से 16 नवंबर तक पूरे राज्य में एक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसका मकसद केवल नियम समझाना नहीं, बल्कि हर मुसाफिर को आस्था के इस बड़े उत्सव से सीधे जोड़ना है।
सफर में साथी बनेंगे छठी मइया के गीत
अक्सर सफर की थकान आदमी को बेहाल कर देती है, लेकिन इस बार जब परदेसी बिहार की सीमा में दाखिल होंगे, तो उनका स्वागत जाने-पहचाने पारंपरिक गीतों से होगा। राज्य के सभी छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और हवाई अड्डों पर छठ के मधुर गीत और सूचनात्मक जिंगल्स लगातार गूंजते रहेंगे। इतना ही नहीं, पटना मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को भी यात्रा के दौरान यही भक्तिमय माहौल मिलेगा। वहीं सचिवालय के सरकारी दफ्तरों में भी काम के बीच दोपहर एक से दो बजे के दौरान केंद्रीय उद्घोषणा प्रणाली से छठ के पारंपारिक गीतों का प्रसारण होगा, ताकि काम-काज के माहौल में भी पर्व की सादगी और अपनापन बना रहे।
सीमा पर स्वागत द्वार और गांव-गांव तक सूचना का पहरा
जो लोग सड़क के रास्ते निजी गाड़ियों या बसों से घर लौट रहे हैं, उनके लिए राज्य के सभी 18 सीमावर्ती जिलों के मुख्य एंट्री पॉइंट्स पर भव्य ‘छठ स्वागत द्वार’ बनाए जा रहे हैं। कैमूर, बक्सर, गया, नवादा, बांका, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, औरंगाबाद, पूर्वी चंपारण, किशनगंज, मुंगेर, जमुई, अररिया, कटिहार, सीवान, सारण, रोहतास और पूर्णिया की सीमाओं पर यह नजारा देखने को मिलेगा। इसके अलावा राज्य के बाकी जिलों को भी अपने मुख्य प्रवेश रास्तों पर ऐसे ही द्वार खड़े करने को कहा गया है। यह व्यवस्था सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए हर पंचायत सरकार भवन पर पोस्टर, बैनर और रनर लगाए जाएंगे, ताकि घाटों के प्रबंधन और जरूरी हिदायतों की जानकारी हर घर तक आसानी से पहुंच सके।
कागजों से निकलकर जमीन पर दिखेगा आस्था का सम्मान
तैयारियां सिर्फ बैठकों और फाइलों तक सीमित न रहें, इसके लिए मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को साफ निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इस पूरे अभियान को पूरी संवेदनशीलता और तेजी के साथ जमीन पर उतारा जाए। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि बाहर से आने वाले किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो और पूरे राज्य में एक सुरक्षित, स्वच्छ और भक्तिमय माहौल बना रहे। बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आला अधिकारियों के साथ सभी जिलों के प्रशासनिक मुखिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े और उन्होंने तय किया कि इस बार का छठ हर बिहारी के लिए यादगार बने।
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