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Patna : गांवों के विकास और आम लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। सीएम सम्राट चौधरी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि केवल भवन बना देना ही काफी नहीं है, बल्कि उनके बेहतर रखरखाव और नियमित देखरेख की पुख्ता व्यवस्था भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो संवेदक (ठेकेदार) इन भवनों का निर्माण करेंगे, मेंटेनेंस की सीधी जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। इसके लिए ठेकेदारों की जवाबदेही तय करते हुए एक मजबूत व्यवस्था तैयार की जाए। लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने ये बातें कहीं।
निर्माण के एस्टीमेट में ही जुड़ेगा सोलर पैनल का खर्च
सीएम ने निर्देश दिया कि नए बनने वाले पंचायत सरकार भवनों के सोलराइजेशन को सीधे निर्माण के एस्टीमेट में ही शामिल किया जाए। इससे बाद में अलग से बजट और प्रक्रिया का झंझट खत्म होगा। उन्होंने कहा कि इस काम को 15वें वित्त आयोग और 7वें राज्य वित्त आयोग के फंड से जोड़ा जाए, ताकि पैसों की कोई कमी न रहे और काम तेजी से पूरा हो सके। इसके अलावा बैठक में सोलर पैनलों की देखरेख, निगरानी और वित्तीय प्रबंधन की व्यवस्था को भी मजबूत करने पर चर्चा हुई।
जलमीनारों पर अब 20 किलोवाट के सोलर पैनल लगेंगे
बैठक में पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के तहत जलमीनारों पर 5 किलोवाट क्षमता के ऑफग्रिड सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव रखा। इस पर सीएम ने निर्देश दिया कि 5 किलोवाट की जगह अब 20 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जाएं। क्षमता बढ़ने से बिजली पर निर्भरता घटेगी और स्थानीय ग्रामीणों को बिना रुकावट भरपूर पानी मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन इस तरह होना चाहिए कि पंचायतों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो और साथ ही ऊर्जा की भी बचत हो।
जनप्रतिनिधियों के मोबाइल पर रोजाना पहुंचेगा बिजली आपूर्ति का ब्योरा
गांवों में बिजली व्यवस्था की हकीकत जानने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब सीधे जनप्रतिनिधियों को निगरानी से जोड़ा जाएगा। सीएम ने निर्देश दिया कि पंचायतों में रोजाना कितने घंटे बिजली मिल रही है, इसका पूरा ब्योरा संबंधित पंचायत के मुखिया, विधायक और सांसद को नियमित रूप से भेजा जाए। इसके लिए अधिकारियों को एक डेडिकेटेड टीम बनाने को कहा गया है। यह टीम रोजाना जनप्रतिनिधियों के तय मोबाइल नंबरों पर उनके इलाके की बिजली आपूर्ति की ताजा रिपोर्ट भेजेगी।
बैठक में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव और भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
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