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Patna : बिहार में सम्राट सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी। शपथ ग्रहण समारोह से पहले हुई इस तीसरी कैबिनेट बैठक में कुल 20 एजेंडों को मंजूरी दी गई। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार, सिंचाई और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। सबसे ज्यादा चर्चा सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर “माता सीता मेडिकल कॉलेज” करने के फैसले की रही।
सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज को मिला नया नाम
कैबिनेट ने फैसला लिया कि अब सीतामढ़ी के मेडिकल कॉलेज को “माता सीता मेडिकल कॉलेज” के नाम से जाना जाएगा। सरकार का कहना है कि माता सीता की जन्मस्थली होने के कारण सीतामढ़ी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया गया है।
कई जिलों में खुलेंगी सेंट्रल यूनिवर्सिटी
सरकार ने राज्य के कई जिलों में केंद्रीय विश्वविद्यालय खोलने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। साथ ही अरवल, शेखपुरा समेत कई जिलों में केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए जमीन एक रुपए के टोकन पर 30 साल की लीज पर देने का फैसला लिया गया है।
19,300 किलोमीटर सड़कों के रखरखाव पर 15,967 करोड़ खर्च
बिहार की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने बड़ा बजट मंजूर किया है। राज्य की करीब 19,300 किलोमीटर सड़कों के रखरखाव पर लगभग 15,967 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। खास बात यह है कि अब सड़कों की निगरानी में AI तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि खराब सड़कों की पहचान और मरम्मत तेजी से हो सके।
पटना एयरपोर्ट विस्तार के लिए मुफ्त जमीन
पटना एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी को बियाडा की 1.85 एकड़ जमीन मुफ्त में दी जाएगी। इससे एयरपोर्ट विस्तार और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 20 एजेंडों पर लगी मुहर। बैठक के बाद मीडियाकर्मियों को विस्तृत जानकारी देते मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरविंद कुमार चौधरी।@samrat4bjp @BiharCabinet #BiharCabinet… pic.twitter.com/KqmTkBfEcp
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) May 6, 2026
गंगा कटाव रोकने के लिए करोड़ों की योजना
बक्सर समेत गंगा किनारे बसे कई इलाकों में कटाव रोकने के लिए विशेष परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं पर करीब 50 से 60 करोड़ रुपए तक खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि हर साल बाढ़ और कटाव से प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने के लिए यह कदम जरूरी है।
पिछली कैबिनेट के फैसले भी चर्चा में
29 अप्रैल को हुई सम्राट सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक में भी कई बड़े फैसले लिए गए थे। उस बैठक में कुल 63 एजेंडों पर मुहर लगी थी। सबसे बड़ा फैसला बिहार पुलिस में 20,937 पदों पर भर्ती को लेकर था। इनमें आधे पद प्रोमोशन से और बाकी सीधे बहाल किए जाएंगे।
शिक्षा और कॉलेजों को लेकर बड़े फैसले
राज्य के 208 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने का फैसला लिया गया है। इसके लिए शिक्षा विभाग में 9,152 नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके अलावा हर जिले और प्रखंड के कुछ स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने के लिए 800 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
ट्रैफिक पुलिस और पर्यावरण विभाग में नई नियुक्तियां
भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बिहार शरीफ और गया में ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने के लिए 485 नए पद बनाए जाएंगे। वहीं पर्यावरण विभाग में नया इंजीनियरिंग डिवीजन बनाया जाएगा, जिसमें 63 पद सृजित होंगे।
मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के परिजनों के लिए विश्राम गृह
सरकार ने फैसला लिया है कि मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए CSR फंड से विश्राम गृह बनाए जाएंगे। इससे दूर-दराज से इलाज कराने आने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
नगर निकायों और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर फोकस
सभी नगर निकायों में ई-गवर्नेंस लागू करने के लिए 119.90 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के लिए 93.75 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। पटना के दीघा और कंकड़बाग इलाके में सीवरेज व्यवस्था सुधारने के लिए 72.65 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
गांवों के श्मशान घाट और कब्रिस्तान का होगा रखरखाव
ग्रामीण इलाकों में श्मशान घाट और कब्रिस्तान की स्थिति सुधारने के लिए 69.79 करोड़ रुपए खर्च करने को मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी।
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