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Ranchi : हावड़ा-हटिया क्रियायोगा एक्सप्रेस अपने तय रास्ते पर दौड़ रही थी। जनरल कोच में बैठे यात्री कोई मोबाइल देख रहा था, कोई परिवार के साथ बातचीत में लगा था तो कोई सीट पर सिर टिकाकर झपकी लेने की कोशिश कर रहा था। तभी अचानक कोच के भीतर खलबली मच गई। लोगों की चीखें सुनाई देने लगीं। कुछ यात्री घबराकर अपनी सीट छोड़ने लगे। देखते ही देखते एक लड़का हाथ में देशी पिस्तौल लहराते हुए यात्रियों को धमकाने लगा। उसके साथ मौजूद दूसरा युवक गाली-गलौज कर लोगों को हड़काने लगा। कुछ ही सेकंड में पूरे कोच का माहौल बदल गया। जो यात्री कुछ देर पहले आराम से सफर कर रहे थे, उनके चेहरों पर डर साफ दिखाई देने लगा। लेकिन इसी डर और हड़कंप के बीच RPF की एस्कॉर्ट टीम यात्रियों के लिए ढाल बनकर सामने आई।
कीता स्टेशन पार करते ही बदला माहौल
घटना गुरुवार की है। ट्रेन संख्या 18615 हावड़ा-हटिया क्रियायोगा एक्सप्रेस में RPF पोस्ट रांची की टीम चांडिल से हटिया तक एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात थी। ट्रेन जैसे ही कीता रेलवे स्टेशन पार कर आगे बढ़ी, जनरल कोच से तेज शोर सुनाई दिया। आरपीएफ जवानों ने बिना समय गंवाए कोच की ओर दौड़ लगाई। वहां पहुंचते ही उन्होंने देखा कि एक युवक यात्रियों के बीच पिस्तौल लहरा रहा है। उसका साथी लोगों को धमका रहा था। महिलाएं और बच्चे डरे हुए थे। कुछ यात्री अपनी सीट छोड़कर दूर हटने की कोशिश कर रहे थे। हालात किसी भी वक्त गंभीर हो सकते थे।
यात्रियों की सूझबूझ और RPF की फुर्ती आई काम
बताया जा रहा है कि यात्रा के दौरान कुछ यात्रियों की नजर दोनों लड़कों पर पड़ी थी। उन्हें शक हुआ क्योंकि आरोपी बार-बार अपने पास रखे हथियार को संभाल रहे थे। जैसे ही लोगों को पिस्तौल होने की भनक लगी, कोच में डर फैल गया और शोर मचने लगा। यही शोर दोनों आरोपियों के लिए मुसीबत बन गया। RPF की एस्कॉर्ट टीम ने साहस दिखाते हुए दोनों युवकों को मौके पर ही दबोच कर उनकी हेकड़ी निकाल दी। तलाशी लेने पर उनके पास से एक अवैध देशी पिस्तौल और 7.65 एमएम का एक जिंदा गोली बरामद हुआ।
रांची में सप्लाई होने वाला था हथियार
पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान अकीब खान और रेहान खान के रूप में बताई। दोनों रांची के बड़ियातू जोड़ा तालाब स्थित सरताज कॉलोनी के रहने वाले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों को यह हथियार जमशेदपुर के एक अज्ञात व्यक्ति ने टाटानगर रेलवे स्टेशन के पास दिया था। आरोपी इसे रांची में किसी तक पहुंचाने वाले थे। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर यह हथियार किसके लिए लाया जा रहा था और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
ट्रेन में बैठे बच्चों और महिलाओं के चेहरे पर दिखा डर
घटना के बाद ट्रेन में मौजूद कई यात्री काफी देर तक सहमे रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब युवक पिस्तौल लहरा रहा था, तब कोच में बैठे बच्चे रोने लगे थे। कुछ महिलाएं घबराकर सीट के नीचे सामान समेटने लगीं। कई लोग डर के कारण चुपचाप सिर झुकाकर बैठे रहे। यात्रियों का कहना है कि अगर आरपीएफ टीम समय पर नहीं पहुंचती, तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी।
कमांडेंट के निर्देश पर तुरंत बढ़ी कार्रवाई
घटना की सूचना तुरंत रांची मंडल के कमांडेंट पवन कुमार को दी गई। उनके निर्देश पर ट्रेन के रांची रेलवे स्टेशन पहुंचते ही अतिरिक्त RPF टीम और अपराध शाखा के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद एएसआई भुतेश झा ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया और बरामद हथियार को जब्त किया गया। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दोनों को जीआरपी रांची के हवाले कर दिया गया। GRP रांची ने शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इन अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका
इस कार्रवाई में एसआई सूरज पांडे, एएसआई भुतेश झा, प्रमोद कुमार, एम. अंसारी, नीरज कुमार, वी.के. मौर्य, सी. कच्छप, अफरोज आलम और आरपीएफ अपराध शाखा रांची की टीम शामिल रही।
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