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Ranchi : रांची रेलवे स्टेशन पर रोज हजारों लोग आते-जाते हैं। कोई नौकरी की तलाश में सफर करता है, कोई इलाज के लिए ट्रेन पकड़ता है, तो कोई अपने परिवार से मिलने निकलता है। इसी भीड़ और जल्दबाजी के बीच कुछ ऐसे चेहरे भी घूमते रहते हैं, जिनकी नजर यात्रियों के सामान और खासकर मोबाइल फोन पर टिकी रहती है। गुजरे कुछ दिनों से रांची रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। कई यात्री सफर के दौरान अपना मोबाइल खोने के बाद परेशान होकर प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर भटकते दिखे। किसी का फोन जेब से गायब हो गया, तो किसी का बैग से। कई लोगों के लिए मोबाइल सिर्फ एक डिवाइस नहीं था, बल्कि जरूरी दस्तावेज, बैंकिंग जानकारी, परिवार की तस्वीरें और रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा था। इसी बीच एक शिकायत ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
एक शिकायत और फिर शुरू हुई CCTV की पड़ताल
5 मई 2026 को रांची रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोरी की शिकायत जीआरपी थाना रांची में दर्ज कराई गई। शिकायत सामने आते ही आरपीएफ पोस्ट रांची हरकत में आ गई। मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन कुमार के निर्देश पर स्टेशन परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू हुई। घंटों तक फुटेज देखने के बाद कुछ संदिग्ध चेहरे नजर आए। भीड़ के बीच सामान्य यात्रियों की तरह घूम रहे ये लोग बेहद शातिर तरीके से अपने निशाने चुन रहे थे। कोई प्लेटफॉर्म पर सो रहे यात्री के पास मंडरा रहा था, तो कोई ट्रेन में चढ़ने की अफरा-तफरी का फायदा उठा रहा था।
प्लेटफॉर्म नंबर 3 से खुला पूरा राज
जांच के दौरान आरपीएफ की नजर एक नाबालिग पर जाकर रुकी। उसे प्लेटफॉर्म नंबर 3 से पकड़ा गया। शुरू में वह खुद को बेगुनाह बताता रहा, लेकिन पूछताछ बढ़ी तो पूरी कहानी सामने आने लगी। उसने बताया कि वह अकेला नहीं है। उसके साथ कई और लोग भी इस काम में शामिल हैं। स्टेशन, ट्रेन और आसपास के इलाकों में यात्रियों को निशाना बनाना उनका रोज का काम बन चुका था। इसके बाद उपनिरीक्षक सूरज पांडे के नेतृत्व में टीम ने तेजी से छापेमारी शुरू की। न्यू पुंडाग और काठल मोड़ इलाके में दबिश दी गई। कुछ ही घंटों में कुल 8 लोगों को गिरफ्तार और निरुद्ध कर लिया गया, जिनमें 4 नाबालिग भी शामिल हैं।
चोरी के मोबाइल बन चुके थे कमाई का जरिया
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कीमत करीब 3 लाख 40 हजार रुपये बताई जा रही है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी के मोबाइल फोन को ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशन को आसान टारगेट मानते थे। यात्रियों की छोटी सी लापरवाही इनके लिए मौका बन जाती थी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक कई बार यात्री मोबाइल हाथ में लेकर सो जाते हैं, चार्जिंग में लगाकर दूर चले जाते हैं या भीड़ में जेब और बैग पर ध्यान नहीं दे पाते। ऐसे ही मौकों का फायदा यह गिरोह उठाता था।
CCTV बना सबसे बड़ा हथियार
इस पूरी कार्रवाई में स्टेशन परिसर में लगे CCTV कैमरों ने सबसे अहम भूमिका निभाई। कैमरों की मदद से संदिग्धों की गतिविधियां ट्रैक की गईं और फिर उनकी पहचान कर गिरफ्तारी तक पहुंचा गया। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
यात्रियों से भी सतर्क रहने की अपील
आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि सफर के दौरान अपने मोबाइल और कीमती सामान को लेकर सतर्क रहें। खासकर भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म, ट्रेन में चढ़ते-उतरते समय और रात के सफर में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। फिलहाल सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जीआरपी रांची को सौंप दिया गया है। मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
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