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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के PVUNL यानी पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड ने पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। पतरातू PVUNL से पहली बार 4000 टन फ्लाई ऐश लेकर एक ऐश रेक असम के टेटेलिया स्थित स्टार सीमेंट प्लांट के लिए रवाना की गई। यह दूरी करीब 1243 किलोमीटर की है। इस मौके पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए.के. सहगल ने हरी झंडी दिखाकर रेक को रवाना किया। कार्यक्रम में कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी और स्टार सीमेंट के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
बैक-लोडिंग मॉडल से किया गया परिवहन
इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि जिस रेल रेक से पीवीयूएनएल को कोयला पहुंचाया गया था, उसी रेक का इस्तेमाल फ्लाई ऐश भेजने के लिए किया गया। इसे बैक-लोडिंग मॉडल कहा जाता है। इससे खाली रेक वापस नहीं गई और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सका। कंपनी अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से परिवहन लागत कम होगी और रेलवे संसाधनों का भी सही तरीके से इस्तेमाल हो सकेगा।
15 हजार लीटर डीजल की बचत
पीवीयूएनएल के मुताबिक अगर इतनी मात्रा में फ्लाई ऐश को सड़क मार्ग से डिस्पोजल साइट तक भेजा जाता, तो बड़ी संख्या में भारी वाहनों की जरूरत पड़ती। इससे काफी मात्रा में डीजल खर्च होता। रेल रेक के जरिए परिवहन होने से करीब 15 हजार लीटर डीजल की बचत हुई है। इससे प्रदूषण भी कम होगा और कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी। कंपनी इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।
सीमेंट उद्योग में होगा फ्लाई ऐश का इस्तेमाल
फ्लाई ऐश का उपयोग सीमेंट निर्माण में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इससे एक तरफ औद्योगिक अपशिष्ट का सही उपयोग होता है, वहीं दूसरी ओर निर्माण सामग्री तैयार करने में भी मदद मिलती है। PVUNL की इस पहल से आने वाले समय में फ्लाई ऐश प्रबंधन को और बेहतर बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही बिजली उत्पादन इकाइयों से निकलने वाले ऐश के सुरक्षित और उपयोगी निपटान का रास्ता भी मजबूत होगा।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
रेक रवाना होने के दौरान सीजीएम (प्रोजेक्ट) अनुपम मुखर्जी, जीएम (ओ एंडएम) मनीष खेतरपाल, जीएम (मेंटेनेंस एवं एडमिनिस्ट्रेशन) ओम प्रकाश सोलंकी समेत पीवीयूएनएल के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। स्टार सीमेंट कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी इस पहल को सराहा।
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